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मलबे के सैलाब में आवासीय भवन और दुकानें ध्वस्त
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देवप्रयाग तहसील के बौंठ गांव में दो स्थानों पर मंगलवार शाम बादल फटने से दो आवासीय भवन और पांच दुकानें ध्वस्त हो गए। इसके अलावा राजकीय इंटर कॉलेज बौंठ की चहारदीवारी एवं कृषि भूमि को भी नुकसान पहुंचा है। कैबिनेट मंत्री व क्षेत्रीय विधायक सुबोध उनियाल ने ग्रामीणों से नुकसान की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को तत्काल प्रभावितों को मुआवजा और अन्य मदद पहुंचाने के निर्देश दिए।
मंगलवार शाम बौंठ गांव के ऊपर दो स्थानों में बादल फटने की घटनाएं हुईं। जिससेे किशन सिंह के दो आवासीय मकान और ओंकार सिंह की पांच दुकानें ध्वस्त हो गई। राजकीय इंटर कॉलेज बौंठ की चहारदीवारी भी क्षतिग्रस्त हो गई। जबकि संजय सिंह के दो कमरों में मलबा घुस गया। गनीमत रही कि इन मकानों में घटना के वक्त कोई नहीं था। यहां रहने वाले लोग दोपहर में इसी गांव के दूसरे मोहल्ले में किसी वृद्ध व्यक्ति की मौत होने पर चले गए थे। जिसके चलते उनकी जान बच गई। प्रभारी तहसीलदार मदन लाल ने बताया कि नापभूमि को भी नुकसान पहुंचा है। वहीं मंगलवार को आए सैलाब में मुख्य बाजार के समीप विद्युत पोल के बह जाने से विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई। यहां पेयजल आपूर्ति भी ठप है। लोग हैंडपंप से पानी का प्रबंध कर रहे हैं। कृषि अधिकारी इंद्र सिंह बिष्ट के अनुसार, बौंठ गांव में लगभग 30 खेत बह गए।
देर रात एनडीआरएफ की टीम भी पहुंची
गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश पर मंगलवार रात तक एनडीआरएफ की टीम भी बचाव व राहत कार्य के लिए पहुंच गई थी, लेकिन मलबे में किसी के दबे न होने और ज्यादातर सामान गदेरे में बहने से टीम अब लौटने की तैयारी में है। एनडीआरएफ ने यहां मलबे में लोगों से न जाने की अपील की है। वहीं दीवार क्षतिग्रस्त होने की वजह से एचडीएफसी बैंक की स्थानीय शाखा बंद रही।
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मंगलवार शाम बौंठ गांव के ऊपर दो स्थानों में बादल फटने की घटनाएं हुईं। जिससेे किशन सिंह के दो आवासीय मकान और ओंकार सिंह की पांच दुकानें ध्वस्त हो गई। राजकीय इंटर कॉलेज बौंठ की चहारदीवारी भी क्षतिग्रस्त हो गई। जबकि संजय सिंह के दो कमरों में मलबा घुस गया। गनीमत रही कि इन मकानों में घटना के वक्त कोई नहीं था। यहां रहने वाले लोग दोपहर में इसी गांव के दूसरे मोहल्ले में किसी वृद्ध व्यक्ति की मौत होने पर चले गए थे। जिसके चलते उनकी जान बच गई। प्रभारी तहसीलदार मदन लाल ने बताया कि नापभूमि को भी नुकसान पहुंचा है। वहीं मंगलवार को आए सैलाब में मुख्य बाजार के समीप विद्युत पोल के बह जाने से विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई। यहां पेयजल आपूर्ति भी ठप है। लोग हैंडपंप से पानी का प्रबंध कर रहे हैं। कृषि अधिकारी इंद्र सिंह बिष्ट के अनुसार, बौंठ गांव में लगभग 30 खेत बह गए।
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देर रात एनडीआरएफ की टीम भी पहुंची
गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश पर मंगलवार रात तक एनडीआरएफ की टीम भी बचाव व राहत कार्य के लिए पहुंच गई थी, लेकिन मलबे में किसी के दबे न होने और ज्यादातर सामान गदेरे में बहने से टीम अब लौटने की तैयारी में है। एनडीआरएफ ने यहां मलबे में लोगों से न जाने की अपील की है। वहीं दीवार क्षतिग्रस्त होने की वजह से एचडीएफसी बैंक की स्थानीय शाखा बंद रही।
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