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आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवा विस्तार पर रोक
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जीबी पंत अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान घुड़दौड़ी के कुलसचिव ने आउटसोर्स कर्मचारियों के अनुबंध सेवा विस्तार पर रोक लगा दी है। कुलसचिव ने मामले में दिशा-निर्देश के लिए शासन को पत्र भेजा है। कुलसचिव ने कहा कि शासन की अनुमति के बाद ही मामले में निर्णय लिया जाएगा। वहीं, संस्थान के प्रभारी निदेशक व जिलाधिकारी पौड़ी इस प्रकरण से बेखबर हैं।
संस्थान में पीआरडी के माध्यम से सेवारत 188 आउटसोर्स कर्मचारियों का अनुबंध 29 जुलाई को खत्म हो गया था। अब अनुबंध के नवीनीकरण या सेवा विस्तार पर कुलसचिव ने रोक लगा दी है। इस संबंध में जारी आदेश में कुलसचिव संदीप कुमार ने कहा है कि इन कर्मचारियों के संबंध में पद स्वीकृति व वेतन आदि को लेकर शिकायतें मिल रही हैं। इसमें संस्थान के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत भी हो सकती है। इस संबंध में आरटीआई से भी सूचना मांगी जा रही है। इससे संस्थान के कार्यों में व्यवधान उत्पन्न हो रहा है। ऐसे में इन कर्मचारियों का सेवा विस्तार करना संभव नहीं है। अति आवश्यक सेवाओं के लिए कुछ कर्मचारियों को प्रतिदिन के वेतन के आधार पर नियोजित करने पर विचार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि शासन के निर्देश पर मामले में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
उधर, जिलाधिकारी और संस्थान के प्रभारी निदेशक विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि आउटसोर्स कर्मचारियों के सेवा विस्तार पर रोक या हटाए जाने का मामला संज्ञान में नहीं है।
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संस्थान में पीआरडी के माध्यम से सेवारत 188 आउटसोर्स कर्मचारियों का अनुबंध 29 जुलाई को खत्म हो गया था। अब अनुबंध के नवीनीकरण या सेवा विस्तार पर कुलसचिव ने रोक लगा दी है। इस संबंध में जारी आदेश में कुलसचिव संदीप कुमार ने कहा है कि इन कर्मचारियों के संबंध में पद स्वीकृति व वेतन आदि को लेकर शिकायतें मिल रही हैं। इसमें संस्थान के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत भी हो सकती है। इस संबंध में आरटीआई से भी सूचना मांगी जा रही है। इससे संस्थान के कार्यों में व्यवधान उत्पन्न हो रहा है। ऐसे में इन कर्मचारियों का सेवा विस्तार करना संभव नहीं है। अति आवश्यक सेवाओं के लिए कुछ कर्मचारियों को प्रतिदिन के वेतन के आधार पर नियोजित करने पर विचार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि शासन के निर्देश पर मामले में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
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उधर, जिलाधिकारी और संस्थान के प्रभारी निदेशक विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि आउटसोर्स कर्मचारियों के सेवा विस्तार पर रोक या हटाए जाने का मामला संज्ञान में नहीं है।
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