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पूर्व नौकरशाह फैसल ने ट्विटर से अध्यक्ष का पदनाम हटाया
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श्रीनगर। भारतीय प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा देकर राजनीति के मैदान में उतरने वाले पूर्व नौकर शाह फैसल ने रविवार को अपने ट्विटर परिचय में लिखे जम्मू एंड कश्मीर पीपुल्स मूवमेेंट के अध्यक्ष के पदनाम को हटा दिया है। इससे एक बार फिर उनके प्रशासनिक सेवा में लौटने के कयास लगाए जाने लगे हैं। शाह ने प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा देने के बाद इस पार्टी का गठन किया था। हालांकि पद नाम हटाने का कारण बताने वाला कोई आधिकारिक बयान उन्होंने नहीं जारी किया है।
वर्ष 2010 में शाह फैसल ने यूपीएससी की परीक्षा में टॉप किया था। सिविल सर्विस ज्वाइन करने के बाद वर्ष 2019 में उन्होंने इस्तीफा देकर राजनीति के मैदान में उतरने का मन बनाया और जम्मू एंड कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट नाम से एक राजनीति तंजीम का गठन किया था। पांच अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा समाप्त किए जाने के बाद 14 अगस्त 2019 को फैसल को दिल्ली हवाई अड्डे पर विदेश जाते समय हिरासत में ले लिया गया था। वहां से श्रीनगर लाकर एमएलए हॉस्टल में रखा गया था। उसके बाद 15 फरवरी 2020 को उन पर पीएसए की कार्रवाई की गई थी। दो माह पहले 3 जून 2020 को उन्हें पीएसए से मुक्त कर दिया गया था। इसके बाद उन्होंने इच्छा जताई थी कि वह नौकरी में लौट सकते हैं। रविवार के घटनाक्रम को उनके बयान से जोड़कर देखा जा रहा है।
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वर्ष 2010 में शाह फैसल ने यूपीएससी की परीक्षा में टॉप किया था। सिविल सर्विस ज्वाइन करने के बाद वर्ष 2019 में उन्होंने इस्तीफा देकर राजनीति के मैदान में उतरने का मन बनाया और जम्मू एंड कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट नाम से एक राजनीति तंजीम का गठन किया था। पांच अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा समाप्त किए जाने के बाद 14 अगस्त 2019 को फैसल को दिल्ली हवाई अड्डे पर विदेश जाते समय हिरासत में ले लिया गया था। वहां से श्रीनगर लाकर एमएलए हॉस्टल में रखा गया था। उसके बाद 15 फरवरी 2020 को उन पर पीएसए की कार्रवाई की गई थी। दो माह पहले 3 जून 2020 को उन्हें पीएसए से मुक्त कर दिया गया था। इसके बाद उन्होंने इच्छा जताई थी कि वह नौकरी में लौट सकते हैं। रविवार के घटनाक्रम को उनके बयान से जोड़कर देखा जा रहा है।
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