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गढ़वाल विविः अब तीन नहीं दो वर्ष का होगा एमसीए पाठ्यक्रम
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गढ़वाल विवि के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में अब एमसीए पाठ्यक्रम तीन वर्ष के स्थान पर दो वर्ष का किया गया है। इसके लिए गढ़वाल विवि की कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल ने संबंधित विभागाध्यक्ष को सत्र 2020-21 से पाठ्यक्रम को लागू करने के लिए दिशा निर्देश जारी कर दिए है।
गढ़वाल विवि के स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के संकाय अध्यक्ष प्रो. वाईपी रैवानी ने बताया कि मास्टर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन (एमसीए) प्रोग्राम आगामी सत्र 2020-21 से तीन वर्ष के स्थान पर दो वर्ष का कर दिया गया है। इस संबंध में एआईसीटीई से गढ़वाल विवि की कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल को 3 जून को पत्र प्राप्त हो चुका है, जिसमें यूजीसी की बैठक में एमसीए प्रोग्राम को तीन वर्ष के स्थान पर दो वर्ष किए जाने की संस्तुति की गई है। इसके बाद कुलपति ने विभाग को पाठ्यक्रम को लागू करने के आदेश जारी किए है। इस संबंध में विवि के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. एमएमएस रौथाण की अध्यक्षता में विभागीय पाठ्यक्रम अनुमोदन समिति की एवं स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के संकाय अध्यक्ष प्रो. वाईपी रैवानी की अध्यक्षता में स्कूल बोर्ड की बैठक आयोजित की गई, जिसमें सत्र 2020-21 से शुरू होने वाले दो वर्षीय एमसीए प्रोग्राम का पाठ्यक्रम एवं ब्रिज कोर्स का अनुमोदन किया गया। प्रो. रैवानी ने बताया कि एआईसीटीइ ने एमसीए में प्रवेश के लिए योग्यता बीसीए/कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग अथवा समकक्ष विषय में स्नातक उपाधि अथवा इंटर या स्नातक स्तर पर गणित विषय के साथ बीएससी/बीकॉम/बीए रखी है। इसके साथ ही बीएससी/बीकॉम/बीए उत्तीर्ण प्रवेशार्थियों को ब्रिज कोर्स भी करना अनिवार्य होगा। पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए प्रवेशार्थियों का स्नातक स्तर पर न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक व आरक्षित वर्ग के छात्रों का 45 फीसदी अंकों के साथ उत्तीर्ण होना आवश्यक है।
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गढ़वाल विवि के स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के संकाय अध्यक्ष प्रो. वाईपी रैवानी ने बताया कि मास्टर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन (एमसीए) प्रोग्राम आगामी सत्र 2020-21 से तीन वर्ष के स्थान पर दो वर्ष का कर दिया गया है। इस संबंध में एआईसीटीई से गढ़वाल विवि की कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल को 3 जून को पत्र प्राप्त हो चुका है, जिसमें यूजीसी की बैठक में एमसीए प्रोग्राम को तीन वर्ष के स्थान पर दो वर्ष किए जाने की संस्तुति की गई है। इसके बाद कुलपति ने विभाग को पाठ्यक्रम को लागू करने के आदेश जारी किए है। इस संबंध में विवि के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. एमएमएस रौथाण की अध्यक्षता में विभागीय पाठ्यक्रम अनुमोदन समिति की एवं स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के संकाय अध्यक्ष प्रो. वाईपी रैवानी की अध्यक्षता में स्कूल बोर्ड की बैठक आयोजित की गई, जिसमें सत्र 2020-21 से शुरू होने वाले दो वर्षीय एमसीए प्रोग्राम का पाठ्यक्रम एवं ब्रिज कोर्स का अनुमोदन किया गया। प्रो. रैवानी ने बताया कि एआईसीटीइ ने एमसीए में प्रवेश के लिए योग्यता बीसीए/कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग अथवा समकक्ष विषय में स्नातक उपाधि अथवा इंटर या स्नातक स्तर पर गणित विषय के साथ बीएससी/बीकॉम/बीए रखी है। इसके साथ ही बीएससी/बीकॉम/बीए उत्तीर्ण प्रवेशार्थियों को ब्रिज कोर्स भी करना अनिवार्य होगा। पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए प्रवेशार्थियों का स्नातक स्तर पर न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक व आरक्षित वर्ग के छात्रों का 45 फीसदी अंकों के साथ उत्तीर्ण होना आवश्यक है।
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