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25 सीट की एलओपी के लिए एनएमसी का निरीक्षण
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श्रीनगर मेडिकल कॉलेज से संबद्घ बेस अस्पताल का निरीक्षण करते हुए एनएमसी की टीम
- फोटो : SHRINAGAR
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एमबीबीएस की 25 सीटों में वृद्धि की अनुमति देने के लिए एनएमसी (राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग) की दो सदस्यीय टीम ने वीर चंद्र सिंह गढ़वाली राजकीय मेडिकल श्रीनगर का निरीक्षण किया। टीम ने मेडिकल कॉलेज और बेस अस्पताल का निरीक्षण करते हुए मानव संसाधन व अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। टीम शनिवार को भी निरीक्षण करेगी।
श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में पूर्व में एमबीबीएस की 100 सीटें निर्धारित थीं। केंद्र सरकार की ओर से ईडब्लूएस (आर्थिक रुप से कमजोर वर्ग) के लिए आरक्षण का प्रावधान किए जाने के बाद वर्ष 2018 में सीट बढ़ाकर 125 कर दी गई। वर्तमान में 125 सीट पर ही प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। सीट बढ़ाने या नया कोर्स शुरू करने पर एएमसी की अनुमति (एलओपी) की जरूरत होती है। इसके लिए एनएमसी निरीक्षण करती है लेकिन अभी तक यहां निरीक्षण नहीं हुआ था।
शुक्रवार को एनएमसी ने कॉलेज के निरीक्षण के लिए अचानक दो सदस्यीय टीम भेज दी। टीम में समन्वयक डॉ. संदीप सरदेसाई और डॉ. धवल जुगाभाई परमार शामिल हैं। टीम ने मेडिकल कॉलेज पहुंच कर प्राचार्य प्रो. सीएम रावत से आवश्यक जानकारी ली। उसके बाद टीम ने कॉलेज में पुस्तकालय, बेस अस्पताल के इमरजेेंसी वार्ड, इंडोर वार्ड, ऑपरेशन थियेटर और ओपीडी समेत अन्य स्थानों का निरीक्षण किया। टीम ने ड्यूटी में मौजूद संकाय सदस्यों के बारे में भी जानकारी ली।
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श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में पूर्व में एमबीबीएस की 100 सीटें निर्धारित थीं। केंद्र सरकार की ओर से ईडब्लूएस (आर्थिक रुप से कमजोर वर्ग) के लिए आरक्षण का प्रावधान किए जाने के बाद वर्ष 2018 में सीट बढ़ाकर 125 कर दी गई। वर्तमान में 125 सीट पर ही प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। सीट बढ़ाने या नया कोर्स शुरू करने पर एएमसी की अनुमति (एलओपी) की जरूरत होती है। इसके लिए एनएमसी निरीक्षण करती है लेकिन अभी तक यहां निरीक्षण नहीं हुआ था।
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शुक्रवार को एनएमसी ने कॉलेज के निरीक्षण के लिए अचानक दो सदस्यीय टीम भेज दी। टीम में समन्वयक डॉ. संदीप सरदेसाई और डॉ. धवल जुगाभाई परमार शामिल हैं। टीम ने मेडिकल कॉलेज पहुंच कर प्राचार्य प्रो. सीएम रावत से आवश्यक जानकारी ली। उसके बाद टीम ने कॉलेज में पुस्तकालय, बेस अस्पताल के इमरजेेंसी वार्ड, इंडोर वार्ड, ऑपरेशन थियेटर और ओपीडी समेत अन्य स्थानों का निरीक्षण किया। टीम ने ड्यूटी में मौजूद संकाय सदस्यों के बारे में भी जानकारी ली।
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