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गैर इरादतन कत्ल में मां-बेटी को 10-10 साल की सजा
पौड़ी
Updated Thu, 29 Oct 2015 10:04 PM IST
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जिला एवं सत्र न्यायाधीश कंवर सेन ने गैर इरादतन हत्या के एक मामले में मां
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और बेटी को दोषी पाते हुए दस-दस साल की सजा सुनाई। इसके साथ ही दोनों पर
दस-दस हजार रुपये जुर्माना भी ठोका गया है।
मुकदमे के अनुसार 19 जनवरी 2013 में धूमाकोट क्षेत्र के परखंडई गांव निवासी अनीता पत्नी भूपेंद्र सिंह अपने आंगन में कपड़े धो रही थी। इसी दौरान गांव की ही शाबा देवी पत्नी राजे सिंह और उसकी पुत्री वीरा ने अनीता देवी को लाठी-डंडों से पीटा और आंगन से धक्का देकर खेत में गिरा दिया। इस हमले में अनीता देवी बुरी तरह से घायल हो गई। घायल अनीता देवी को पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र धूमाकोट ले जाया गया जहां से उसे काशीपुर रेफर कर दिया गया। हालत खराब होने पर काशीपुर से गाजियाबाद ले जाते समय 20 जनवरी को अनीता देवी ने रास्ते में दम तोड़ दिया।
इस मामले में अनीता के पति भूपेंद्र सिंह ने पुलिस को तहरीर देकर शाबा देवी और उसकी पुत्री वीरा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने पहले दोनों आरोपियों के खिलाफ मारपीट करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया और बाद में अनीता की मौत होने पर इस मामले को गैर इरादतन हत्या में तब्दील कर दिया था। जिला शासकीय अधिवक्ता अवनीश नेगी ने बताया कि इस मामले में सुनवाई करते हुए न्यायालय ने शाबा देवी और उसकी पुत्री वीरा को गैर इरादतन हत्या का दोषी पाया। इस मामले में भियोजन पक्ष की ओर से मुकदमे में जिला शासकीय अधिवक्ता अवनीश नेगी ने पैरवी की।
मुकदमे के अनुसार 19 जनवरी 2013 में धूमाकोट क्षेत्र के परखंडई गांव निवासी अनीता पत्नी भूपेंद्र सिंह अपने आंगन में कपड़े धो रही थी। इसी दौरान गांव की ही शाबा देवी पत्नी राजे सिंह और उसकी पुत्री वीरा ने अनीता देवी को लाठी-डंडों से पीटा और आंगन से धक्का देकर खेत में गिरा दिया। इस हमले में अनीता देवी बुरी तरह से घायल हो गई। घायल अनीता देवी को पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र धूमाकोट ले जाया गया जहां से उसे काशीपुर रेफर कर दिया गया। हालत खराब होने पर काशीपुर से गाजियाबाद ले जाते समय 20 जनवरी को अनीता देवी ने रास्ते में दम तोड़ दिया।
इस मामले में अनीता के पति भूपेंद्र सिंह ने पुलिस को तहरीर देकर शाबा देवी और उसकी पुत्री वीरा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने पहले दोनों आरोपियों के खिलाफ मारपीट करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया और बाद में अनीता की मौत होने पर इस मामले को गैर इरादतन हत्या में तब्दील कर दिया था। जिला शासकीय अधिवक्ता अवनीश नेगी ने बताया कि इस मामले में सुनवाई करते हुए न्यायालय ने शाबा देवी और उसकी पुत्री वीरा को गैर इरादतन हत्या का दोषी पाया। इस मामले में भियोजन पक्ष की ओर से मुकदमे में जिला शासकीय अधिवक्ता अवनीश नेगी ने पैरवी की।