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स्वीकृति के आठ साल बाद भी नहीं बना मोटरमार्ग
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विकासखंड कीर्तिनगर के तीन गांवों के लिए स्वीकृत मोटर मार्ग पर आठ वर्ष बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। ग्रामीणों का आरोप है कि मोटर मार्ग निर्माण के संबंध में मुख्यमंत्री समेत सरकार के मंत्रियों से गुहार लगाई गई लेकिन अब तक किसी ने ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से नहीं लिया है। ग्रामीणों ने मोटर मार्ग निर्माण की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति न मिलने पर आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है।
ग्राम पंचायत बैंज्वाड़ी के पूर्व प्रधान रमेश सिंह भंडारी ने बताया कि नवंबर वर्ष 2013 में शासन की ओर से बैज्वाड़ी, पोथ व मंजूली के लिए चार किमी मोटर मार्ग स्वीकृत किया गया था। इसके लिए 3 लाख 20 हजार की धनराशि भी अवमुक्त की गई थी जबकि मोटर मार्ग के निर्माण में आने वाली वन भूमि का मसला भी हल हो चुका है। अब तक मोटर मार्ग निर्माण का कार्य शुरू नहीं किया गया है। इस कारण ग्रामीणों को पैदल दूरी नापनी पड़ रही है। भंडारी ने बताया कि इस संबंध में मुख्यमंत्री, क्षेत्रीय विधायक विनोद कंडारी व प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल से भी गुहार लगाई गई लेकिन किसी ने ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से नहीं लिया है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में उक्त मोटर मार्ग की स्वीकृति के बाद कई मोटर मार्गों का निर्माण हो चुका है लेकिन उनके गांव के लिए आठ वर्ष पूर्व स्वीकृत मोटर मार्ग की फाइल शासन में धूल फांक रही है। ग्रामीण पूरण सिंह पंवार, रघुवीर भंडारी, जयपाल भंडारी, रामदास, विनोद दास व मकान सिंह ने 10 दिन के भीतर मोटरमार्ग की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति न मिलने पर आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है।
मोटरमार्ग की पत्रावली वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति के लिए शासन को भेजी गई है। स्वीकृति मिलने पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।-अश्वनी यादव, सहायक अभियंता, लोनिवि कीर्तिनगर।
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ग्राम पंचायत बैंज्वाड़ी के पूर्व प्रधान रमेश सिंह भंडारी ने बताया कि नवंबर वर्ष 2013 में शासन की ओर से बैज्वाड़ी, पोथ व मंजूली के लिए चार किमी मोटर मार्ग स्वीकृत किया गया था। इसके लिए 3 लाख 20 हजार की धनराशि भी अवमुक्त की गई थी जबकि मोटर मार्ग के निर्माण में आने वाली वन भूमि का मसला भी हल हो चुका है। अब तक मोटर मार्ग निर्माण का कार्य शुरू नहीं किया गया है। इस कारण ग्रामीणों को पैदल दूरी नापनी पड़ रही है। भंडारी ने बताया कि इस संबंध में मुख्यमंत्री, क्षेत्रीय विधायक विनोद कंडारी व प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल से भी गुहार लगाई गई लेकिन किसी ने ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से नहीं लिया है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में उक्त मोटर मार्ग की स्वीकृति के बाद कई मोटर मार्गों का निर्माण हो चुका है लेकिन उनके गांव के लिए आठ वर्ष पूर्व स्वीकृत मोटर मार्ग की फाइल शासन में धूल फांक रही है। ग्रामीण पूरण सिंह पंवार, रघुवीर भंडारी, जयपाल भंडारी, रामदास, विनोद दास व मकान सिंह ने 10 दिन के भीतर मोटरमार्ग की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति न मिलने पर आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है।
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मोटरमार्ग की पत्रावली वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति के लिए शासन को भेजी गई है। स्वीकृति मिलने पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।-अश्वनी यादव, सहायक अभियंता, लोनिवि कीर्तिनगर।
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