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युवा पीढ़ी को माटी से जोड़ने का दस्तावेज है मोतीबाग
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जनपद के विकास खंड कल्जीखाल स्थित सांगुडा गांव निवासी बुजुर्ग पं. विद्या दत्त शर्मा की श्रम साधना पर बनी डॉक्यूमेंट्री फिल्म मोतीबाग मुख्यालय पौड़ी में प्रदर्शित हुई। मुख्यालय के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं ने फिल्म देख बुजुर्ग किसान से खूब सवाल-जवाब भी किए। डॉक्यूमेंट्री श्रेणी में फिल्म ऑस्कर में प्रदर्शन को चयनित हो चुकी है। अंतरराष्ट्रीय डॉक्यूमेंट्री फिल्म फेस्टिवल में मोतीबाग को प्रथम पुरस्कार भी प्राप्त कर चुका है।
मंगलवार को संस्कृति भवन प्रेक्षागृह में जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल ने मोतीबाग के प्रदर्शन की शुरुआत की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को माटी से जोड़ने क दिशा में मोतीबाग हमारे लिए एक अमूल्य दस्तावेज है। युवा पीढ़ी को प्रोत्साहित करने के लिए फिल्म जनपद के सतपुली, कोटद्वार, थलीसैण सहित अनेक स्थानों पर प्रदर्शित किए जाने पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने फिल्म निर्देशक के कार्यों की भी जमकर सराहना की। फिल्म में जनपद पौड़ी के विकास कल्जीखाल के सांगुडा गांव में प्रगतिशील कृषक पं. विद्या दत्त शर्मा के विगत 52 वर्षों से पहाड़ की सजीवता को आत्मसात किए जाने की कहानी है। गांव के इस बुजुर्ग के जीवन संघर्ष को राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता युवा निर्देशक निर्मल चंद्र डंडरियाल ने डॉक्यूमेंट्री में पिरोया है। फिल्म केरल में आयोजित अंतराष्ट्रीय डॉक्यूमेंट्री फिल्म फेस्टिवल में प्रथम पुरस्कार प्राप्त कर चुकी है। सितंबर 2019 में फिल्म का चयन आस्कर में प्रदर्शन के लिए भी हो चुका है। फिल्म को विभिन्न विभागों में सेवारत अधिकारी, बीजीआर परिसर पौड़ी, जीजीआईसी पौड़ी, राजकीय पॉलीटेक्निक पौड़ी सहित विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने देखी। उन्होंने बुजुर्ग किसान विद्या दत्त, निर्देशक निर्मल चंद्र से सवाल-जवाब भी किए। बुजुर्ग किसान ने खेती को आजीविका, स्वास्थ्य व समृद्धि का आधार बताया। कार्यक्रम का संचालन योगंबर पोली ने किया। इस अवसर पर सीडीओ हिमांशु खुराना, पीडी एसएस शर्मा, डीडीओ वेद प्रकाश, एपीडी सुनील कुमार, डीपीआरओ एमएम खान, मुख्य कृषि अधिकारी देवेंद्र राणा, पीई स्वजल दीपक रावत, मेजर करन रावत, डा. वीपी बलोदी, त्रिभुवन उनियाल, मंजू उनियाल, केएस नेगी, अनुसूया प्रसाद सुंदरियाल आदि मौजूद थे।
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मंगलवार को संस्कृति भवन प्रेक्षागृह में जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल ने मोतीबाग के प्रदर्शन की शुरुआत की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को माटी से जोड़ने क दिशा में मोतीबाग हमारे लिए एक अमूल्य दस्तावेज है। युवा पीढ़ी को प्रोत्साहित करने के लिए फिल्म जनपद के सतपुली, कोटद्वार, थलीसैण सहित अनेक स्थानों पर प्रदर्शित किए जाने पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने फिल्म निर्देशक के कार्यों की भी जमकर सराहना की। फिल्म में जनपद पौड़ी के विकास कल्जीखाल के सांगुडा गांव में प्रगतिशील कृषक पं. विद्या दत्त शर्मा के विगत 52 वर्षों से पहाड़ की सजीवता को आत्मसात किए जाने की कहानी है। गांव के इस बुजुर्ग के जीवन संघर्ष को राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता युवा निर्देशक निर्मल चंद्र डंडरियाल ने डॉक्यूमेंट्री में पिरोया है। फिल्म केरल में आयोजित अंतराष्ट्रीय डॉक्यूमेंट्री फिल्म फेस्टिवल में प्रथम पुरस्कार प्राप्त कर चुकी है। सितंबर 2019 में फिल्म का चयन आस्कर में प्रदर्शन के लिए भी हो चुका है। फिल्म को विभिन्न विभागों में सेवारत अधिकारी, बीजीआर परिसर पौड़ी, जीजीआईसी पौड़ी, राजकीय पॉलीटेक्निक पौड़ी सहित विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने देखी। उन्होंने बुजुर्ग किसान विद्या दत्त, निर्देशक निर्मल चंद्र से सवाल-जवाब भी किए। बुजुर्ग किसान ने खेती को आजीविका, स्वास्थ्य व समृद्धि का आधार बताया। कार्यक्रम का संचालन योगंबर पोली ने किया। इस अवसर पर सीडीओ हिमांशु खुराना, पीडी एसएस शर्मा, डीडीओ वेद प्रकाश, एपीडी सुनील कुमार, डीपीआरओ एमएम खान, मुख्य कृषि अधिकारी देवेंद्र राणा, पीई स्वजल दीपक रावत, मेजर करन रावत, डा. वीपी बलोदी, त्रिभुवन उनियाल, मंजू उनियाल, केएस नेगी, अनुसूया प्रसाद सुंदरियाल आदि मौजूद थे।
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