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Pauri News: युवती से मारपीट के दोषी को तीन साल की सजा, आठ हजार का अर्थदंड लगाया
Fri, 16 Jan 2026 05:15 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
Updated Fri, 16 Jan 2026 05:15 PM IST
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दोषी को पॉक्सो एक्ट से किया दोषमुक्त, 2023 में दी गई थी तहरीर
पौड़ी। युवती के घर में घुसकर मारपीट करने के दोषी को अदालत ने तीन साल सश्रम कारावास और आठ हजार के अर्थदंड से दंडित किया है। हालांकि अदालत ने नाबालिग से छेड़खानी के मामले में उसे पॉक्सो एक्ट से दोषमुक्त करार दिया है। विशेष सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) पौड़ी धर्म सिंह की अदालत ने यह फैसला सुनाया है।
राजस्व उप निरीक्षक (आरएसआई) पट्टी तल्ला ढांगू-दो जाखणीखाल तहसील में पीड़िता की मां ने 26 मई 2023 को तहरीर दी। तहरीर में बताया गया कि 25 मई 2023 की रात परिवार के सभी लोग देवी पूजन के लिए गांव गए थे। घर पर नाबालिग अकेली थी, इसी बीच गांव के ही एक युवक दीपक नेगी उनके घर में घुस कर बेटी से छेड़खानी की और दुष्कर्म का प्रयास किया। विरोध करने पर आरोपी ने उसके पैर पर दरांती से वार किया। घायल ने पड़ोसियों के घर भागकर जान बचाई। बेटी के पैर में चोट लगने के चलते उसे ऋषिकेश अस्पताल ले गए। आरएसआई ने पॉक्सो एक्ट समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया।
एडीजीसी बिजेंद्र सिंह रावत ने बताया कि मामला दो अगस्त 2023 के अदालत पहुंचा। जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार भेज दिया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से मामले में 11 गवाहों के बयान और साक्ष्य दर्ज कराए गए। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने बताया कि मेडिकल परीक्षण के दौरान पीड़िता व उसके पिता ने आंतरिक परीक्षण की सहमति लिखित में नहीं दी। हालांकि बाह्य परीक्षण के दौरान पीड़िता के हाथ व पैर में घाव पाए गए। पॉक्सो एक्ट के मामले में पीड़िता की आयु 17 वर्ष बताई गई जबकि अभियोजन पक्ष आयु के संबंध में कोई ठोस प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर पाए। जिस पर अदालत ने आरोपी को पॉक्सो की धाराओं से दोषमुक्त करार दिया। हालांकि अदालत ने धारा 457, 324 व 354 के तहत आरोपी को दोषी मानते हुए तीन साल सश्रम कारावास और आठ हजार के अर्थदंड से दंडित किया।
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पौड़ी। युवती के घर में घुसकर मारपीट करने के दोषी को अदालत ने तीन साल सश्रम कारावास और आठ हजार के अर्थदंड से दंडित किया है। हालांकि अदालत ने नाबालिग से छेड़खानी के मामले में उसे पॉक्सो एक्ट से दोषमुक्त करार दिया है। विशेष सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) पौड़ी धर्म सिंह की अदालत ने यह फैसला सुनाया है।
राजस्व उप निरीक्षक (आरएसआई) पट्टी तल्ला ढांगू-दो जाखणीखाल तहसील में पीड़िता की मां ने 26 मई 2023 को तहरीर दी। तहरीर में बताया गया कि 25 मई 2023 की रात परिवार के सभी लोग देवी पूजन के लिए गांव गए थे। घर पर नाबालिग अकेली थी, इसी बीच गांव के ही एक युवक दीपक नेगी उनके घर में घुस कर बेटी से छेड़खानी की और दुष्कर्म का प्रयास किया। विरोध करने पर आरोपी ने उसके पैर पर दरांती से वार किया। घायल ने पड़ोसियों के घर भागकर जान बचाई। बेटी के पैर में चोट लगने के चलते उसे ऋषिकेश अस्पताल ले गए। आरएसआई ने पॉक्सो एक्ट समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया।
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एडीजीसी बिजेंद्र सिंह रावत ने बताया कि मामला दो अगस्त 2023 के अदालत पहुंचा। जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार भेज दिया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से मामले में 11 गवाहों के बयान और साक्ष्य दर्ज कराए गए। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने बताया कि मेडिकल परीक्षण के दौरान पीड़िता व उसके पिता ने आंतरिक परीक्षण की सहमति लिखित में नहीं दी। हालांकि बाह्य परीक्षण के दौरान पीड़िता के हाथ व पैर में घाव पाए गए। पॉक्सो एक्ट के मामले में पीड़िता की आयु 17 वर्ष बताई गई जबकि अभियोजन पक्ष आयु के संबंध में कोई ठोस प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर पाए। जिस पर अदालत ने आरोपी को पॉक्सो की धाराओं से दोषमुक्त करार दिया। हालांकि अदालत ने धारा 457, 324 व 354 के तहत आरोपी को दोषी मानते हुए तीन साल सश्रम कारावास और आठ हजार के अर्थदंड से दंडित किया।
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