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Pauri News: नाक से खून आने के मरीज बढ़े
Sat, 31 Oct 2026 05:03 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
Updated Sat, 31 Oct 2026 05:03 PM IST
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फोटो
उपजिला चिकित्सालय में पहुंच रहे दो से तीन मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। सर्दी के साथ ही उपजिला चिकित्सालय श्रीनगर में नाक से खून आने की शिकायत लेकर मरीज पहुंचने लगे हैं। अस्पताल में प्रतिदिन दो से तीन मरीज इस परेशानी के साथ पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार ठंड में हवा शुष्क होने से नाक की अंदरूनी झिल्ली में सूखापन आ जाता है। वहीं उच्च रक्तचाप से पीड़ित मरीजों को भी इस दौरान विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
उपजिला चिकित्सालय के ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. दिगपाल दत्त ने बताया कि सर्दियों में नाक की अंदरूनी झिल्ली सूखने से रक्तस्राव की समस्या हो सकती है। ठंड में रक्तचाप में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है। ऐसे में हाईबीपी के मरीज नियमित रूप से रक्तचाप की जांच कराएं और दवाइयां समय पर लें। 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को इस समस्या के प्रति विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। नाक से खून आने पर सिर पीछे करने के बजाय थोड़ा आगे झुकाएं और नाक के नरम हिस्से को लगातार 10 से 15 मिनट तक दबाकर रखें। इसके बावजूद खून बंद न हो या बार-बार ऐसी परेशानी हो तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।
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उपजिला चिकित्सालय में पहुंच रहे दो से तीन मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। सर्दी के साथ ही उपजिला चिकित्सालय श्रीनगर में नाक से खून आने की शिकायत लेकर मरीज पहुंचने लगे हैं। अस्पताल में प्रतिदिन दो से तीन मरीज इस परेशानी के साथ पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार ठंड में हवा शुष्क होने से नाक की अंदरूनी झिल्ली में सूखापन आ जाता है। वहीं उच्च रक्तचाप से पीड़ित मरीजों को भी इस दौरान विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
उपजिला चिकित्सालय के ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. दिगपाल दत्त ने बताया कि सर्दियों में नाक की अंदरूनी झिल्ली सूखने से रक्तस्राव की समस्या हो सकती है। ठंड में रक्तचाप में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है। ऐसे में हाईबीपी के मरीज नियमित रूप से रक्तचाप की जांच कराएं और दवाइयां समय पर लें। 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को इस समस्या के प्रति विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। नाक से खून आने पर सिर पीछे करने के बजाय थोड़ा आगे झुकाएं और नाक के नरम हिस्से को लगातार 10 से 15 मिनट तक दबाकर रखें। इसके बावजूद खून बंद न हो या बार-बार ऐसी परेशानी हो तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।
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