विकास खंड कोट के फलस्वाड़ी गांव में आयोजित मंसार मेले में श्रद्घालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। सनातन समय से एक दिवसीय मेला, पहली बार तीन दिवसीय मनाया गया। धार्मिक व आध्यात्मिक मंसार मेले में निसाण पूजन, यज्ञ व शोभा यात्रा के साथ पारंपरिक मेला भव्य रूप में आयोजित किया गया ।
शुक्रवा को श्री लक्ष्मण मंदिर समिति देवल (सितोनस्यूं) से निसाण फलस्वाड़ी गांव के लिए ढोल-नगाड़ों व देव स्तुतियों के साथ रवाना हुए। उधर कोटसाड़ा गांव से ग्रामीण बबले (घास) की रस्सी व दूण-कंडी लेकर आए। इसके बाद कोटसाड़ा व देवल के ग्रामीण फलस्वाड़ी गांव में पहुंचे। जहां माता सीता पहले धरती से प्रकट हुई। श्रद्घालुओं को दर्शन व आर्शीवाद देने के बाद माता धरती में समा गई। भक्तों ने उन्हें पकड़ने की कोशिश की। लेकिन उनके हाथ में बबले रूप उनके केश ही आए। जिन्हें वे प्रसाद के रूप में अपने घरों को ले गए। माता सीता के धरती में समाने का भावुक क्षण ग्रामीणों को आस्था, धर्म व आध्यात्म के सोपानों से भर गया। समिति के अध्यक्ष सुरेंद्र प्रसाद भट्ट ने आध्यात्मिक व सांस्कृतिक मेले के आयोजन में सहयोग के लिए समस्त ग्रामीणों का आभार जताया। इस अवसर पर समिति के सचिव प्रदीप कुमार भट्ट, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अश्वनी उप्रेती, सुशील चंद्र, नरेश उप्रेती, मयूर भट्ट, ऋषभ व हिमांशु पंत आदि मौजूद थे।