नगर के मुख्य मार्गों पर शुक्रवार को होल्यारों ने गीतों और वाद्ययंत्रों के साथ जमकर अबीर गुलाल उड़ाया। साथ ही गले मिलकर एक दूसरे को भाई चारे का संदेश दिया।
श्रीनगर से सौ किमी दूर चाकीसैंण बांजकोट गांव से पौड़ी, पाबौ, पैठाणी होते हुए होल्यारों की टोली शुक्रवार को श्रीनगर पहुंची। इसके बाद होल्यारों ने ढोलक, खंजरी व अन्य वाद्ययंत्रों के साथ नगर के मुख्यमार्गों पर होली के गीतों के साथ रंग उड़ाया। टोली में शामिल संजीव मोहन ने बताया कि उनकी टीम हर वर्ष होली पर श्रीनगर पहुंचती है। जिसका मुख्य उद्देश्य संस्कृति, सभ्यता और पारंपरिक त्योहारों को संरक्षित करना है। इस मौके पर शिव सिंह कंडारी, विनोद, अरविंद, सुरेंद्र सिंह, दलवीर, विकास, मातवर, कमल मौजूद थे। वहीं दूसरी ओर श्रीनगर में बृहस्पतिवार को स्थानीय लोगों ने कमलेश्वर मंदिर में पूजा अर्जचना कर होली की झंडी के साथ नगर क्षेत्र का भ्रमण किया। इसके बाद श्रीनगर के गोला पार्क में झंडी स्थापित कर होली का आगाज हुआ। मौके पर सतीश पुरी, उम्मेद सिंह मेहरा, जगदंबा प्रसाद मैठाणी, दिनेश लिंगवाल, केशव प्रसाद काला, आरपी उनियाल, मुकेश नौटियाल, दीपक उनियाल आदि मौजूद थे। संवाद