पौड़ी। साल के अंत में हुई बारिश व बर्फबारी के बाद हिमालय बर्फ से लकदक हो गया है। हिमालयी राज्यों में पौड़ी इकलौती जगहों में से एक है, जहां से हिमालय की सबसे लंबी शृंखला के साथ ही अलकनंदा व भागीरथी नदियों को एक ही स्थान से दिखा जा सकता है। पौड़ी से भारत की दूसरी ऊंची सर्वाधिक ऊंची चोटी नंदादेवी (7816 मी) को देखा जा सकता है। सोमवार को पौड़ी से बर्फ से लबालब हिमालय का विहंगम दृश्य दिखाई दिखाई दिया। बर्फ की चादर से ढकी पहाड़ियां पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र भी हैं। भारतीय उप महादीप के उत्तर में 15 सौ मील या 24 सौ किलोमीटर क्षेत्रफल में फैला हिमालय भारत के साथ अन्य छह देशों तक फैला है। जिसमें नेपाल, पाकिस्तान, चीन, अफगानिस्तान, भूटान व म्यानमान देश शामिल हैं। भारत के उत्तरी भाग में हिमालय दो सौ मील या 320 किमी तक फैला है। पूरे हिमालयी राज्यों के सापेक्ष पौड़ी एकमात्र स्थान है, जहां से हिमालय की 14 सर्वाधिक ऊंची चोटियों को एक साथ व एक ही स्थान से देखा जा सकता है। इसी विहंगम दृश्य को देखने के लिए पर्यटक पौड़ी पहुंचते हैं। इस शानदार नजारे को देख खूब रोमांचित होते हैं।पौड़ी की भौगोलिक बनावट है खास : जिला मुख्यालय पौड़ी समुद्र तल से 1765 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यहां से हिमालय की शृंखला समानान्तर दिखाई देती है। यही कारण है कि पौड़ी से हिमालय की सर्वाधिक 14 ऊंची चोटियों के साथ ही अलकनंदा व देवप्रयाग में भागीरथी नदियाें को एक-दूसरे के साथ देखा जा सकता है। पौड़ी में रांसी, खिर्सू, लैंसडोन, भरसार आदि स्थान तो दो हजार मीटर की ऊंचाई तक स्थित हैं।