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धोखाधड़ी का आरोपी एक साल बाद पुलिस के हत्थे चढ़ा
श्रीनगर
Updated Thu, 05 Nov 2015 08:12 PM IST
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कीर्तिनगर कोतवाली पुलिस ने धोखाधड़ी के मामले में फरार चल रहे आरोपी को पकड़ने में कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने आरोपी को उसी के गांव में गिरफ्तार कर लिया।
जानकारी के अनुसार, मार्च 2014 में कीर्तिनगर कोतवाली में दरमोला पट्टी कंडवालस्यूं (जिला पौड़ी) निवासी विद्यादत्त रतूड़ी उर्फ कन्हैया पुत्र हर्षमणि रतूड़ी के विरुद्ध धारा 420/406 आईपीसी (धोखाधड़ी व अमानत मे खयानत) में मुकदमा पंजीकृत हुआ था। कन्हैया पर आरोप है कि उसने कीर्तिनगर क्षेत्र की एक महिला को झांसे में लेकर उससे चार लाख 30 हजार रुपये ठग लिए। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। लगभग चार माह जेल में रहने के बाद वह जमानत पर छूटकर बाहर आ गया, लेकिन इसके बाद से वह न्यायालय में गवाही के लिए पेश नहीं हुआ।
न्यायालय से जारी समन के माध्यम से कई बार गवाही के लिए बुलाने पर भी उपस्थित नहीं होने से आरोपी के विरुद्ध गैर जमानती वारंट जारी किया गया। कोतवाल चंदन सिंह बिष्ट ने बताया कि गिरफ्तारी से बचने के लिए वह कानपुर सहित अन्य शहरों में छिपता रहा। दो दिन पहले पुलिस को उसके मोबाइल की लोकेशन सबधरखाल क्षेत्र में मिली। सूचना पुख्ता होने पर बृहस्पतिवार सुबह करीब चार बजे एसआई बलवंत सिंह व कांस्टेबल कमलेश कुमार गांव में पहुंचे। जहां उन्होंने आरोपी कन्हैया को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को कीर्तिनगर न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
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जानकारी के अनुसार, मार्च 2014 में कीर्तिनगर कोतवाली में दरमोला पट्टी कंडवालस्यूं (जिला पौड़ी) निवासी विद्यादत्त रतूड़ी उर्फ कन्हैया पुत्र हर्षमणि रतूड़ी के विरुद्ध धारा 420/406 आईपीसी (धोखाधड़ी व अमानत मे खयानत) में मुकदमा पंजीकृत हुआ था। कन्हैया पर आरोप है कि उसने कीर्तिनगर क्षेत्र की एक महिला को झांसे में लेकर उससे चार लाख 30 हजार रुपये ठग लिए। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। लगभग चार माह जेल में रहने के बाद वह जमानत पर छूटकर बाहर आ गया, लेकिन इसके बाद से वह न्यायालय में गवाही के लिए पेश नहीं हुआ।
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न्यायालय से जारी समन के माध्यम से कई बार गवाही के लिए बुलाने पर भी उपस्थित नहीं होने से आरोपी के विरुद्ध गैर जमानती वारंट जारी किया गया। कोतवाल चंदन सिंह बिष्ट ने बताया कि गिरफ्तारी से बचने के लिए वह कानपुर सहित अन्य शहरों में छिपता रहा। दो दिन पहले पुलिस को उसके मोबाइल की लोकेशन सबधरखाल क्षेत्र में मिली। सूचना पुख्ता होने पर बृहस्पतिवार सुबह करीब चार बजे एसआई बलवंत सिंह व कांस्टेबल कमलेश कुमार गांव में पहुंचे। जहां उन्होंने आरोपी कन्हैया को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को कीर्तिनगर न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
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