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चार प्रत्याशी पहली बार चुनाव लड़े और जीते
ब्यूरो/ अमर उजाला,पौड़ी।
Updated Sat, 11 Mar 2017 10:21 PM IST
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भाजपा की जीत के मायने पार्टी के हर प्रत्याशी व कार्यकर्ता के लिए खास है, लेकिन पौड़ी की छह विधानसभा सीटों से सबसे बड़ा तोहफा चार प्रत्याशियों को मिला है। उनमें पौड़ी सीट से मुकेश कोली, श्रीनगर से धन सिंह रावत, चौबट्टाखाल से सतपाल महाराज और यमकेश्वर सीट से सांसद भुवन चंद खंडूड़ी की बेटी ऋतु खंडूड़ी शामिल हैं।
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मुकेश कोली ने पौड़ी सीट जीतकर 16 साल पुराना रिकार्ड भी तोड़ दिया है। इसमें चाहे मोदी लहर का असर रहा हो या फिर प्रत्याशियों की मेहनत। ये चार प्रत्याशी पहली बार चुनाव जीतकर विधानसभा की दहलीज पर कदम रखेंगे।
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श्रीनगर सीट से धन सिंह रावत भले ही संघ से जुड़े हुए हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खास हैं, लेकिन इससे पहले उन्हें हार ही मिली। 2002 और 2007 में उन्हें भाजपा का टिकट मिला, लेकिन दोनों बार उन्हें हार का सामना करना पड़ा। 2007 में उन्हें गणेश गोदियाल, जबकि 2002 में सुंदरलाल मंद्रवाल ने हराया।
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लगातार दो बार हारने के कारण 2012 में उनका टिकट कट गया। चौबट्टाखाल सीट से सतपाल महाराज सांसद तो बने, लेकिन उन्हें विधायक बनने का मौका पहली बार मिला।
कोली व खंडूड़ी पहली बार चुनाव लड़कर जीते
जीत का सबसे बड़ा तोहफा पौड़ी सीट से मुकेश कोहली को मिला है। राजनीति की शुरुआत कर रहे नौजवान कोली को पार्टी ने पहली बार ही टिकट दिया और उन्होंने मौके को अच्छी तरह से भुनाया भी। इसी तरह ऋतु खंडूड़ी के लिए भी विधानसभा चुनाव लड़ने का यह पहला मौका था और उन्होंने जीत भी हासिल की है।
कोली ने 16 सालों का रिकार्ड तोड़ा
पौड़ी सीट पर भाजपा ने जीत परचम लहराकर 16 साल का रिकार्ड भी तोड़ दिया है। 2002 से लेकर अब तक हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने कांग्रेसी प्रत्याशियों को हराने के लिए बड़े-बड़े दिग्गज खड़े किए, लेकिन एक भी बार भाजपा जीत हासिल नहीं कर पाई।