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Pauri News: डायट शिक्षकों के प्रतिनियुक्ति आदेश पर फोरम ने विरोध जताया
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पौड़ी। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) की टीचर एजुकेशन फोरम पौड़ी शाखा की बैठक में शिक्षकों ने महानिदेशक शिक्षा के प्रतिनियुक्ति संबंधी आदेश पर विरोध जताया है। उन्होंने सात बिंदुओं के नियमों का हवाला देकर डीजी शिक्षा के आदेश पर संशय जताया है। उन्होंने डीजी शिक्षा को न्यायोचित एवं विधि सम्मत निर्णय लेने की मांग उठाई है।
डायट प्राचार्य के माध्यम से भेजे ज्ञापन में फोरम के अध्यक्ष जगमोहन कठैत ने बताया कि डायट में प्रतिनियुक्ति होने पर भत्ते समय आदि की सेवा शर्तें होती हैं। बताया कि गत कई वर्षों से विभिन्न स्रोतों से योग्यताधारी माध्यमिक शिक्षकों को चयन के बाद डायट एवं एससीईआरटी में पदस्थापित किया जाता है। साथ ही राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) की ओर से जारी दिशा निर्देशों के अनुसार ही शिक्षक-शिक्षण संस्थानों में स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति का प्रावधान है। बताया कि डीजी के आदेश के बाद डायट एवं एनसीईआरटी में कार्यरत शिक्षकों प्रशिक्षकों को प्रतिनियुक्ति पर माना जाना नियम विरुद्ध है। उन्होंने इस संबंध में डीजी शिक्षा को न्यायोचित एवं विधि सम्मत निर्णय लेने की मांग उठाई है। इस मौके पर डॉ. एनपी उनियाल, संगीता डोभाल, शिवानी रावत, डॉ. अरविंद, नरेंद्र बिष्ट, ममता राणा, डॉ. धनेंद्र लिंगवाल, डॉ. हरिशंकर डिमरी और अनुजा मैठाणी आदि शामिल रहे।
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डायट प्राचार्य के माध्यम से भेजे ज्ञापन में फोरम के अध्यक्ष जगमोहन कठैत ने बताया कि डायट में प्रतिनियुक्ति होने पर भत्ते समय आदि की सेवा शर्तें होती हैं। बताया कि गत कई वर्षों से विभिन्न स्रोतों से योग्यताधारी माध्यमिक शिक्षकों को चयन के बाद डायट एवं एससीईआरटी में पदस्थापित किया जाता है। साथ ही राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) की ओर से जारी दिशा निर्देशों के अनुसार ही शिक्षक-शिक्षण संस्थानों में स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति का प्रावधान है। बताया कि डीजी के आदेश के बाद डायट एवं एनसीईआरटी में कार्यरत शिक्षकों प्रशिक्षकों को प्रतिनियुक्ति पर माना जाना नियम विरुद्ध है। उन्होंने इस संबंध में डीजी शिक्षा को न्यायोचित एवं विधि सम्मत निर्णय लेने की मांग उठाई है। इस मौके पर डॉ. एनपी उनियाल, संगीता डोभाल, शिवानी रावत, डॉ. अरविंद, नरेंद्र बिष्ट, ममता राणा, डॉ. धनेंद्र लिंगवाल, डॉ. हरिशंकर डिमरी और अनुजा मैठाणी आदि शामिल रहे।
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