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Pauri News: फूलों की खेती से बदलेगी पहाड़ की तस्वीर
Fri, 24 Apr 2026 05:23 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
Updated Fri, 24 Apr 2026 05:23 PM IST
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कीर्तिनगर ब्लॉक के करीब छह गांवों में किया जा रहा ट्रायल
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। पर्वतीय क्षेत्रों में महिलाओं की आजीविका सशक्त करने के उद्देश्य से उद्यान विभाग की ओर से शुरू की गई गेंदा बीज वितरण योजना अब उम्मीदों का नया द्वार खोल रही है। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को निशुल्क बीज उपलब्ध कराए गए हैं जिससे वे खेती के माध्यम से अपनी आय बढ़ाने के साथ-साथ आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। अभी छह गांवों में इसका ट्रायल किया जा रहा है।
उद्यान विभाग कीर्तिनगर की ओर से महिलाओं को खेती की तकनीकी जानकारी, बीज बोने का समय, खाद एवं सिंचाई प्रबंधन सहित आवश्यक प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। उद्यान प्रभारी सुरेश रावत ने बताया कि इस योजना की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता इसका समय निर्धारण है। गेंदा की फसल इस प्रकार तैयार की जा रही है कि फूल शारदीय नवरात्र के दौरान और बदरीनाथ धाम व केदारनाथ धाम के कपाट बंद होने के समय बाजार में उपलब्ध हो सकें। महिलाओं के लिए यह पहल उन्हें स्वरोजगार, समूह आधारित आर्थिक गतिविधियों और बाजार से सीधे जुड़ने का अवसर भी मिलेगा। अभी ब्लॉक के गंडासू, धारी, मंगसू, आदि गांवों में इसका ट्रायल किया जा रहा है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। पर्वतीय क्षेत्रों में महिलाओं की आजीविका सशक्त करने के उद्देश्य से उद्यान विभाग की ओर से शुरू की गई गेंदा बीज वितरण योजना अब उम्मीदों का नया द्वार खोल रही है। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को निशुल्क बीज उपलब्ध कराए गए हैं जिससे वे खेती के माध्यम से अपनी आय बढ़ाने के साथ-साथ आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। अभी छह गांवों में इसका ट्रायल किया जा रहा है।
उद्यान विभाग कीर्तिनगर की ओर से महिलाओं को खेती की तकनीकी जानकारी, बीज बोने का समय, खाद एवं सिंचाई प्रबंधन सहित आवश्यक प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। उद्यान प्रभारी सुरेश रावत ने बताया कि इस योजना की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता इसका समय निर्धारण है। गेंदा की फसल इस प्रकार तैयार की जा रही है कि फूल शारदीय नवरात्र के दौरान और बदरीनाथ धाम व केदारनाथ धाम के कपाट बंद होने के समय बाजार में उपलब्ध हो सकें। महिलाओं के लिए यह पहल उन्हें स्वरोजगार, समूह आधारित आर्थिक गतिविधियों और बाजार से सीधे जुड़ने का अवसर भी मिलेगा। अभी ब्लॉक के गंडासू, धारी, मंगसू, आदि गांवों में इसका ट्रायल किया जा रहा है।
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