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मेला शुरू, नहीं हुआ राष्ट्रीय राजमार्ग का सुधारीकरण
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नगर पालिका क्षेत्र में बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग का बैकुंठ चतुर्दशी मेले से पूर्व डामरीकरण और अवशेष कार्य निपटाने का लोनिवि राष्ट्रीय राजमार्ग खंड का वादा पूरा नहीं हो पाया है। स्थिति यह है कि लोनिवि के मजदूर व्यापारिक प्रतिष्ठानों और घरों के आगे खुदाई करके दो सप्ताह से गायब हैं।
शहर में ऑल वेदर रोड परियोजना काम बहुत सुस्त रफ्तार से चल रहा है। ना तो अभी तक क्षेत्र में सड़क किनारे नालियों का निर्माण कार्य पूरा हो पाया है और ना ही डामरीकरण। हालांकि बीच में लोनिवि ने तेजी दिखाते हुए कुछ स्थानों पर डामरीकरण किया। लेकिन दीपावली से काम लगभग बंद है।
काम में बार-बार आ रहे गतिरोध को देखते हुए गत अक्तूबर में राज्यमंत्री डा. धन सिंह रावत ने अधिकारियों और एजेंसियों की बैठक लेते हुए नियंत्रित तरीके से शीघ्र काम पूर्ण करने के निर्देश दिए थे। बैठक में एजेंसियों ने दीवाली तक शहर क्षेत्र में डामरीकरण करने की बात कही थी, लेकिन मंत्री ने उनको 10 दिन और देते हुए बैकुंठ चतुर्दशी मेले से पूर्व डामरीकरण और अवशेष कार्य निपटाने के निर्देश दिए थे। लेकिन मंत्री के आदेश भी बेअसर साबित हुए। नालियों का निर्माण निपटाना तो दूर, डामरीकरण भी अधूरा छूट गया है। श्रीकोट समेत अन्य स्थानों में नाली निर्माण के लिए लगभग दो सप्ताह पूर्व पहले खुदाई की गई थी, लेकिन नाली नहीं बनाई गई। ईई मनोज बिष्ट का कहना है कि दीपावली और छठ पूजा के बाद से मजदूर काम पर नहीं लौंटे हैं। इस सप्ताह से काम गति पकड़ेगा। मशीन खराब होने की वजह से डामरीकरण काम प्रभावित हुआ। अब मशीन ठीक हो गई है।
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शहर में ऑल वेदर रोड परियोजना काम बहुत सुस्त रफ्तार से चल रहा है। ना तो अभी तक क्षेत्र में सड़क किनारे नालियों का निर्माण कार्य पूरा हो पाया है और ना ही डामरीकरण। हालांकि बीच में लोनिवि ने तेजी दिखाते हुए कुछ स्थानों पर डामरीकरण किया। लेकिन दीपावली से काम लगभग बंद है।
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काम में बार-बार आ रहे गतिरोध को देखते हुए गत अक्तूबर में राज्यमंत्री डा. धन सिंह रावत ने अधिकारियों और एजेंसियों की बैठक लेते हुए नियंत्रित तरीके से शीघ्र काम पूर्ण करने के निर्देश दिए थे। बैठक में एजेंसियों ने दीवाली तक शहर क्षेत्र में डामरीकरण करने की बात कही थी, लेकिन मंत्री ने उनको 10 दिन और देते हुए बैकुंठ चतुर्दशी मेले से पूर्व डामरीकरण और अवशेष कार्य निपटाने के निर्देश दिए थे। लेकिन मंत्री के आदेश भी बेअसर साबित हुए। नालियों का निर्माण निपटाना तो दूर, डामरीकरण भी अधूरा छूट गया है। श्रीकोट समेत अन्य स्थानों में नाली निर्माण के लिए लगभग दो सप्ताह पूर्व पहले खुदाई की गई थी, लेकिन नाली नहीं बनाई गई। ईई मनोज बिष्ट का कहना है कि दीपावली और छठ पूजा के बाद से मजदूर काम पर नहीं लौंटे हैं। इस सप्ताह से काम गति पकड़ेगा। मशीन खराब होने की वजह से डामरीकरण काम प्रभावित हुआ। अब मशीन ठीक हो गई है।
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