{"_id":"61449b028ebc3ec91c3f43af","slug":"explained-the-method-of-making-compost-from-waste-shrinagar-news-drn3906574199","type":"story","status":"publish","title_hn":"कचरे से खाद बनाने की विधि बताई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कचरे से खाद बनाने की विधि बताई
विज्ञापन
-
- 1
-
Link Copied
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एचएनबी गढ़वाल केेंद्रीय विवि के आईक्यूएसी (आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ) व ग्रीन कैंपस कमेटी (जीसीसी) और जीबी पंत राष्ट्रीय हिमालय पर्यावरण एवं संस्थान की ओर से कचरा प्रबंधन ( वेस्ट मैनेजमेंट) पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में विशेषज्ञों ने घरों, होटलों एवं संस्थानों से निकलने वाले जैविक अवशिष्ट के प्रबंधन पर चर्चा की।
मुख्य वक्ता जीबी पंत हिमालय पर्यावरण एवं विकास संस्थान के डॉ. जेसी कुनियाल ने मॉडल के माध्यम से गीले व जैविक कचरे से खाद बनाने की सरल एवं कम लागत वाली विधि को प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि हमें कचरे को उपयोगी वस्तु मानने की सोच विकसित करनी है। हमें अपनी और भावी पीढ़ी के विचारों में बड़े परिवर्तन की आवश्यकता है। संगोष्ठी का संचालन करते हुए आईक्यूएसी के निदेशक प्रो. आरसी सुंदरियाल ने अवशिष्ट को व्यावसायिक उत्पाद में बदलने पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने अवशिष्ट प्रबंधन में बाधा बनने वाले कारकों के बारे में भी बताया। इस अवसर पर ग्रीन कैंपस कमेटी के सदस्य एमपी डोभाल, डॉ. विजयकांत पुरोहित, डॉ. आलोक सागर गौतम, डॉ. रोहित कुमार, डॉ. कुंगेंग ऐंगमु, डॉ. अरुण जुगरान, डॉ. एलएस रावत आदि ने विचार रखे।
विज्ञापन
मुख्य वक्ता जीबी पंत हिमालय पर्यावरण एवं विकास संस्थान के डॉ. जेसी कुनियाल ने मॉडल के माध्यम से गीले व जैविक कचरे से खाद बनाने की सरल एवं कम लागत वाली विधि को प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि हमें कचरे को उपयोगी वस्तु मानने की सोच विकसित करनी है। हमें अपनी और भावी पीढ़ी के विचारों में बड़े परिवर्तन की आवश्यकता है। संगोष्ठी का संचालन करते हुए आईक्यूएसी के निदेशक प्रो. आरसी सुंदरियाल ने अवशिष्ट को व्यावसायिक उत्पाद में बदलने पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने अवशिष्ट प्रबंधन में बाधा बनने वाले कारकों के बारे में भी बताया। इस अवसर पर ग्रीन कैंपस कमेटी के सदस्य एमपी डोभाल, डॉ. विजयकांत पुरोहित, डॉ. आलोक सागर गौतम, डॉ. रोहित कुमार, डॉ. कुंगेंग ऐंगमु, डॉ. अरुण जुगरान, डॉ. एलएस रावत आदि ने विचार रखे।
विज्ञापन