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Pauri News: 12 वर्ष की सेवा के बाद हटाया, कर्मचारी धरने पर बैठा
Tue, 27 Oct 2026 06:45 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
Updated Tue, 27 Oct 2026 06:45 PM IST
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फोटो
बिना नोटिस सेवा समाप्त करने का लगाया आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। मेडिकल कॉलेज में 12 वर्ष की संविदा सेवा के बाद नौकरी से हटाए जाने के विरोध में मनमोहन बर्त्वाल ने धरना शुरू कर दिया। उन्होंने सेवा समाप्ति की कार्रवाई को नियम विरुद्ध बताते हुए शासन से न्याय की गुहार लगाई है। मांग पूरी नहीं होने पर आमरण अनशन शुरू करने की चेतावनी दी।
मनमोहन बर्त्वाल ने सचिव चिकित्सा शिक्षा को इस संबंध में पत्र भेजा। उन्होंने आरोप लगाया कि छह अप्रैल 2022 को उन्हें अनुबंध की सेवा शर्तों के विपरीत मेडिकल कॉलेज अल्मोड़ा संबद्ध कर दिया गया था। इसके बाद उन्होंने कई बार शासन और मेडिकल कॉलेज प्रशासन से संबद्धता समाप्त कर मूल संस्थान में सेवा बहाल करने की मांग की लेकिन उनकी शिकायतों पर कार्रवाई नहीं हुई। आरोप लगाया कि 30 सितंबर को बिना कारण बताओ नोटिस और सुनवाई का अवसर दिए सीधे सेवा समाप्ति का आदेश जारी कर दिया गया। बर्त्वाल ने इसे सेवा शर्तों का उल्लंघन बताया। उन्होंने मुख्यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा मंत्री, चिकित्सा शिक्षा निदेशक, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य और डीएम को पत्र की प्रतिलिपि भेजी। चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल को भी इस संदर्भ में अवगत करा चुके हैं।
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बिना नोटिस सेवा समाप्त करने का लगाया आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। मेडिकल कॉलेज में 12 वर्ष की संविदा सेवा के बाद नौकरी से हटाए जाने के विरोध में मनमोहन बर्त्वाल ने धरना शुरू कर दिया। उन्होंने सेवा समाप्ति की कार्रवाई को नियम विरुद्ध बताते हुए शासन से न्याय की गुहार लगाई है। मांग पूरी नहीं होने पर आमरण अनशन शुरू करने की चेतावनी दी।
मनमोहन बर्त्वाल ने सचिव चिकित्सा शिक्षा को इस संबंध में पत्र भेजा। उन्होंने आरोप लगाया कि छह अप्रैल 2022 को उन्हें अनुबंध की सेवा शर्तों के विपरीत मेडिकल कॉलेज अल्मोड़ा संबद्ध कर दिया गया था। इसके बाद उन्होंने कई बार शासन और मेडिकल कॉलेज प्रशासन से संबद्धता समाप्त कर मूल संस्थान में सेवा बहाल करने की मांग की लेकिन उनकी शिकायतों पर कार्रवाई नहीं हुई। आरोप लगाया कि 30 सितंबर को बिना कारण बताओ नोटिस और सुनवाई का अवसर दिए सीधे सेवा समाप्ति का आदेश जारी कर दिया गया। बर्त्वाल ने इसे सेवा शर्तों का उल्लंघन बताया। उन्होंने मुख्यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा मंत्री, चिकित्सा शिक्षा निदेशक, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य और डीएम को पत्र की प्रतिलिपि भेजी। चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल को भी इस संदर्भ में अवगत करा चुके हैं।
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