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सीयूईटी रद्द करने के लिए एआईडीएसओ को प्रदर्शन
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एचएनबी केंद्रीय गढ़वाल विश्वविद्यालय के तीनों परिसरों में संयुक्त प्रवेश परीक्षा (सीयूईटी) रद्द करने की मांग के लिए छात्र संगठन एआईडीएसओ (ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स आर्गनाइजेशन) ने प्रदर्शन किया। तत्पश्चात संगठन ने विवि की कुलपति, प्रति कुलपति और कुलसचिव सहित उप जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजा।
सोमवार को एसआईडीएसओ के सदस्यों ने गढ़वाल विवि के बिड़ला परिसर के गेट के आगे सीयूईटी के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर के आठ केंद्रीय विश्वविद्यालयों के भांति गढ़वाल विवि में सीयूईटी को रद्द होना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि गढ़वाल विवि के संबद्ध शिक्षण संस्थानों को सीयूईटी से छूट दी गई है। तो विवि के तीनों परिसरों श्रीनगर, पौड़ी व टिहरी में सीईयूटी को क्यों छूट नहीं दी जा रही है? उन्होंने सीईयूटी को खत्म कर पूर्व की भांति स्नातक एवं स्नातकोत्तर में प्रवेश देने की मांग की। प्रदर्शन में संगठन के अध्यक्ष कुलदीप रमोला, सचिव संदीप, रंजना व प्रांजलि बिष्ट आदि शामिल थे।
वहीं, बिड़ला परिसर के पूर्व छात्र संघ उपाध्यक्ष अनमोल भंडारी, पूर्व कोषाध्यक्ष विकास चौहान और जय हो के जिलाध्यक्ष आयुष मियां ने श्रीनगर भ्रमण पर आए गढ़वाल सांसद तीरथ रावत के माध्यम से केंद्रीय शिक्षा मंत्री को ज्ञापन भेजा। उन्होंने कहा कि भौगोलिक परिस्थिति को देखते हुए पूर्वोत्तर के केंद्रीय विश्वविद्यालयों को सीयूईटी से छूट दी गई है। इसी आधार पर गढ़वाल विवि को भी छूट मिलनी चाहिए।
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सोमवार को एसआईडीएसओ के सदस्यों ने गढ़वाल विवि के बिड़ला परिसर के गेट के आगे सीयूईटी के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर के आठ केंद्रीय विश्वविद्यालयों के भांति गढ़वाल विवि में सीयूईटी को रद्द होना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि गढ़वाल विवि के संबद्ध शिक्षण संस्थानों को सीयूईटी से छूट दी गई है। तो विवि के तीनों परिसरों श्रीनगर, पौड़ी व टिहरी में सीईयूटी को क्यों छूट नहीं दी जा रही है? उन्होंने सीईयूटी को खत्म कर पूर्व की भांति स्नातक एवं स्नातकोत्तर में प्रवेश देने की मांग की। प्रदर्शन में संगठन के अध्यक्ष कुलदीप रमोला, सचिव संदीप, रंजना व प्रांजलि बिष्ट आदि शामिल थे।
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वहीं, बिड़ला परिसर के पूर्व छात्र संघ उपाध्यक्ष अनमोल भंडारी, पूर्व कोषाध्यक्ष विकास चौहान और जय हो के जिलाध्यक्ष आयुष मियां ने श्रीनगर भ्रमण पर आए गढ़वाल सांसद तीरथ रावत के माध्यम से केंद्रीय शिक्षा मंत्री को ज्ञापन भेजा। उन्होंने कहा कि भौगोलिक परिस्थिति को देखते हुए पूर्वोत्तर के केंद्रीय विश्वविद्यालयों को सीयूईटी से छूट दी गई है। इसी आधार पर गढ़वाल विवि को भी छूट मिलनी चाहिए।
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