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संगम पर स्नान के लिए उमड़ी भीड़
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तीर्थनगरी में प्रशासन की ओर से वसंत पंचमी मेले को कोरोना के मद्देनजर रोकने की कवायद यहां परवान नहीं चढ़ पाई। प्रशासन की ओर से कुछ घंटे पहले ही मेले में भीड़भाड़ व बाहरी दुकानदारों के आने पर नगर पालिका व पुलिस को मेला रोकने के आदेश जारी किए। नगर पालिका द्वारा आनन फानन में नगर में डुगडुगी करवाकर वसंत पंचमी पर कोरोना के मद्देनजर प्रतिबंध लगाने की सूचना दी गई। इस दौरान नगर वासियों को सूचना तो मिली लेकिन बाहरी क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालुओं और दुकानदारों तक यह सूचना नहीं पहुंच पाई। जिससे मेले और संगम स्थल पर स्नान के लिए लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।
शनिवार सुबह चटक धूप खिलने से वसंत पंचमी पर्व पर दूर दराज से श्रद्धालु संगम व रामकुंड में गंगा स्नान के लिए जुटते रहे। वहीं गांवों से बड़ी संख्या में महिलाओं व बच्चोें का आना भी जारी रहा। वर्षभर में आने वाले वसंती पंचमी मेले के लिए पूरे क्षेत्र में खासा उत्साह रहता है। परंपरानुसार वसंत पंचमी पर लोक वादकों द्वारा घरों में मंगल कामना के साथ जौ की हरियाली भी बांटी गई, जिसे लोगों द्वारा घरों के दरवाजे पर लगाया गया। वहीं कई घरों में मां सरस्वती के पूजन के साथ बालक-बालिकाओं के अध्ययन की शुरूआत की गई। तीर्थ नगरी में पौड़ी, टिहरी जिलों के दूर दराज गांवों से पहुंचे लोगों ने संगम पर गंगा स्नान किया, जिसके बाद भगवान रघुनाथ के दर्शन पूजन कर सुख समृद्धि का आशीर्वाद लिया।
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शनिवार सुबह चटक धूप खिलने से वसंत पंचमी पर्व पर दूर दराज से श्रद्धालु संगम व रामकुंड में गंगा स्नान के लिए जुटते रहे। वहीं गांवों से बड़ी संख्या में महिलाओं व बच्चोें का आना भी जारी रहा। वर्षभर में आने वाले वसंती पंचमी मेले के लिए पूरे क्षेत्र में खासा उत्साह रहता है। परंपरानुसार वसंत पंचमी पर लोक वादकों द्वारा घरों में मंगल कामना के साथ जौ की हरियाली भी बांटी गई, जिसे लोगों द्वारा घरों के दरवाजे पर लगाया गया। वहीं कई घरों में मां सरस्वती के पूजन के साथ बालक-बालिकाओं के अध्ययन की शुरूआत की गई। तीर्थ नगरी में पौड़ी, टिहरी जिलों के दूर दराज गांवों से पहुंचे लोगों ने संगम पर गंगा स्नान किया, जिसके बाद भगवान रघुनाथ के दर्शन पूजन कर सुख समृद्धि का आशीर्वाद लिया।
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