{"_id":"59ef72b64f1c1bd1538b8ee4","slug":"121508864694-pauri-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"महिला से दुराचार के दोषी को दस साल की कैद","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
महिला से दुराचार के दोषी को दस साल की कैद
Updated Tue, 24 Oct 2017 10:34 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पौड़ी। महिला को नशीला पदार्थ सुंघाकर अपहरण और दुराचार करने के दोषी को अदालत ने 10 साल कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने सरकार को निर्देश दिए हैं कि पीड़िता को पांच लाख रुपये का विशेष मुआवजा भी दिया जाए।
मामला श्रीनगर थाना क्षेत्र के एक गांव का है। पीड़िता के पति ने 23 जुलाई 2016 को श्रीनगर थाने में पत्नी और पांच वर्षीय बेटे की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने 22 अगस्त 2016 को पीड़िता और उसके पुत्र को सुभाष कॉलोनी, आदर्श नगर थाना बल्लबगढ़ (हरियाणा) से अभियुक्त दीपक के कब्जे से मुक्त कराया। दीपक मूल रूप से गांव अलिका, तहसील पलवल (हरियाणा) का रहने वाला है और पीड़िता के गांव के पास की सड़क पर जेसीबी चलाने का काम करता था। पीड़िता ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि 22 जुलाई को सुबह श्रीनगर पेट्रोल पंप के समीप दीपक उसे नशीला पदार्थ खिलाकर बच्चे समेत अपहरण कर दिल्ली ले गया। बाद में दीपक ने अपने गांव के अलावा हरियाणा व राजस्थान में विभिन्न जगह महिला को जान से मारने की धमकी देकर दुराचार किया। पुलिस ने दीपक को गिरफ्तार कर मामले को दुराचार, अपहरण और जान सेे मारने की धमकी समेत विभिन्न धाराओं में तरमीम करते हुए अदालत में चार्जशीट दाखिल की। अदालत में अभियोजन पक्ष ने सात गवाहों के साथ डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य पेश किए। इस पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कंवर सेन की अदालत ने दीपक को विभिन्न धाराओं में 10 साल की सजा सुनाई। अभियोजन की ओर से शासकीय अधिवक्ता प्रेम बल्लभ पंत और राकेेश सामवेदी ने अदालत में केस की पैरवी की।
विज्ञापन
मामला श्रीनगर थाना क्षेत्र के एक गांव का है। पीड़िता के पति ने 23 जुलाई 2016 को श्रीनगर थाने में पत्नी और पांच वर्षीय बेटे की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने 22 अगस्त 2016 को पीड़िता और उसके पुत्र को सुभाष कॉलोनी, आदर्श नगर थाना बल्लबगढ़ (हरियाणा) से अभियुक्त दीपक के कब्जे से मुक्त कराया। दीपक मूल रूप से गांव अलिका, तहसील पलवल (हरियाणा) का रहने वाला है और पीड़िता के गांव के पास की सड़क पर जेसीबी चलाने का काम करता था। पीड़िता ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि 22 जुलाई को सुबह श्रीनगर पेट्रोल पंप के समीप दीपक उसे नशीला पदार्थ खिलाकर बच्चे समेत अपहरण कर दिल्ली ले गया। बाद में दीपक ने अपने गांव के अलावा हरियाणा व राजस्थान में विभिन्न जगह महिला को जान से मारने की धमकी देकर दुराचार किया। पुलिस ने दीपक को गिरफ्तार कर मामले को दुराचार, अपहरण और जान सेे मारने की धमकी समेत विभिन्न धाराओं में तरमीम करते हुए अदालत में चार्जशीट दाखिल की। अदालत में अभियोजन पक्ष ने सात गवाहों के साथ डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य पेश किए। इस पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कंवर सेन की अदालत ने दीपक को विभिन्न धाराओं में 10 साल की सजा सुनाई। अभियोजन की ओर से शासकीय अधिवक्ता प्रेम बल्लभ पंत और राकेेश सामवेदी ने अदालत में केस की पैरवी की।
विज्ञापन