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विधानसभा क्षेत्रों के परिसीमन के लिए आयोग जल्द शुरू करेगा काम
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जम्मू। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला की तरफ से जम्मू-कश्मीर के पांचों लोकसभा सदस्यों को प्रदेश में होने वाले विधानसभा क्षेत्रों के परिसीमन के लिए आयोग का एसोसिएट सदस्य मनोनीत किए जाने से आयोग अब जल्द अपना काम शुरू कर सकता है। फरवरी 2020 में सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज रंजना प्रकास देसाई की अध्यक्षता में केंद्र सरकार ने परिसीमन आयोग का गठन किया था।
पिछले तीन महीनों से आयोग विभिन्न वजहों से काम आगे नहीं बढ़ा पाया था। पांचों लोकसभा सदस्यों में भाजपा के सांसद डॉ. जितेंद्र सिंह, जुगल किशोर शर्मा और नेशनल कांफ्रेंस के तीन सांसद डॉ. फारूक अब्दुल्ला, मोहम्मद अकबर लोन और हसनेन मसूदी शामिल हैं।
चुनाव विभाग के सूत्रों के अनुसार जम्मू कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम 2019 के तहत विधानसभा क्षेत्रों का परिसीमन होना है। परिसीमन के बाद सात विधानसभा सीटों का बढ़ना तय है। जम्मू संभाग में पांच और कश्मीर संभाग में दो सीटे बढ़ सकती हैं। 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन आयोग अपना काम करेगा।
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जम्मू कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम के तहत विधानसभा क्षेत्रों की संख्या 107 से बढ़ाकर 114 की जाएगी। इसमें 24 विधानसभा सीटें पाकिस्तान अधिकृत जम्मू कश्मीर (पीओजेके) के लिए आरक्षित रखी गई हैं। एसोसिएट सदस्यों को मनोनीत किए जाने से चुनाव विभाग में भी हल चल बढ़ गई हैं। आयोग की अध्यक्ष रिटायर्ड जज रंजना प्रकाश देसाई के अब बैठक बुलाकर रोड मैप तैयार किए जाने का इंतजार किया जा रहा हैं।
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पिछले तीन महीनों से आयोग विभिन्न वजहों से काम आगे नहीं बढ़ा पाया था। पांचों लोकसभा सदस्यों में भाजपा के सांसद डॉ. जितेंद्र सिंह, जुगल किशोर शर्मा और नेशनल कांफ्रेंस के तीन सांसद डॉ. फारूक अब्दुल्ला, मोहम्मद अकबर लोन और हसनेन मसूदी शामिल हैं।
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चुनाव विभाग के सूत्रों के अनुसार जम्मू कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम 2019 के तहत विधानसभा क्षेत्रों का परिसीमन होना है। परिसीमन के बाद सात विधानसभा सीटों का बढ़ना तय है। जम्मू संभाग में पांच और कश्मीर संभाग में दो सीटे बढ़ सकती हैं। 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन आयोग अपना काम करेगा।
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जम्मू कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम के तहत विधानसभा क्षेत्रों की संख्या 107 से बढ़ाकर 114 की जाएगी। इसमें 24 विधानसभा सीटें पाकिस्तान अधिकृत जम्मू कश्मीर (पीओजेके) के लिए आरक्षित रखी गई हैं। एसोसिएट सदस्यों को मनोनीत किए जाने से चुनाव विभाग में भी हल चल बढ़ गई हैं। आयोग की अध्यक्ष रिटायर्ड जज रंजना प्रकाश देसाई के अब बैठक बुलाकर रोड मैप तैयार किए जाने का इंतजार किया जा रहा हैं।