{"_id":"5e36f63d8ebc3ec6e91f9a70","slug":"anti-alcohol-agitation-acquitted-of-all-charges-shrinagar-news-drn334802364","type":"story","status":"publish","title_hn":"शराब विरोधी आंदोलनकारी सभी आरोपों से दोषमुक्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शराब विरोधी आंदोलनकारी सभी आरोपों से दोषमुक्त
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शराब की दुकान में अवरोध करने, बलवा, गाली गलौज और धमकी देने के आरोपी 23 आंदोलनकारियों को न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीनगर अमित कुमार ने सभी आरोपों से बरी कर दिया है।
वर्ष 2017 में न्यायालय के आदेश के बाद बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग से दुकान को अलकेश्वर मंदिर के समीप शिफ्ट कर दिया गया था। दुकान के समीप गोशाला और मंदिर होने की वजह से इसके विरोध में आंदोलन चला था। 11 जून 2017 को शराब की दुकान के सेल्समैन संजय कुमार ने समीर रतूड़ी, प्रेम बल्लभ नैथानी, पीबी डोभाल, पूनम कैंतुरा, मुकेश सेमवाल, अतुल सती, रेशमा, सरिता नेगी, अशोक बिष्ट, नवीन नौटियाल, आयुष मियां, राजेश्वरी जोशी, सुरजी उनियाल, यशोदा खंडूड़ी, देव सिंह नेगी, खेम सिंह चौहान, शिवानी पांडेय, भारती जोशी, पूजा भंडारी, सरला, उर्मिला बिष्ट, विमला बलूनी व उत्तम भंडारी के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था, कि आरोपी निर्धारित स्थान पर शराब की दुकान नहीं खुलने दे रहे हैं। जब उनसे हटने का अनुरोध किया गया, तो गाली गलौज की गई। 9 जून को जब प्रशासन के हस्तक्षेप से दुकान खुल गई, तो उन्होंने ग्राहकों का रास्ता रोक लिया। विवेचना उपरांत चार्जशीट न्यायालय प्रेषित की गई। बचाव पक्ष के अधिवक्ता शशि प्रसाद चमोली ने अभियोजन के सारे आरोपों को नकारते हुए कहा कि आरोपियों ने कुछ भी ऐसा काम नहीं किया, जिससे लोकशांति भंग हुई हो। उन्होंने आरोपों को निराधार बताया। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट अमित कुमार ने सभी आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया।
विज्ञापन
वर्ष 2017 में न्यायालय के आदेश के बाद बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग से दुकान को अलकेश्वर मंदिर के समीप शिफ्ट कर दिया गया था। दुकान के समीप गोशाला और मंदिर होने की वजह से इसके विरोध में आंदोलन चला था। 11 जून 2017 को शराब की दुकान के सेल्समैन संजय कुमार ने समीर रतूड़ी, प्रेम बल्लभ नैथानी, पीबी डोभाल, पूनम कैंतुरा, मुकेश सेमवाल, अतुल सती, रेशमा, सरिता नेगी, अशोक बिष्ट, नवीन नौटियाल, आयुष मियां, राजेश्वरी जोशी, सुरजी उनियाल, यशोदा खंडूड़ी, देव सिंह नेगी, खेम सिंह चौहान, शिवानी पांडेय, भारती जोशी, पूजा भंडारी, सरला, उर्मिला बिष्ट, विमला बलूनी व उत्तम भंडारी के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था, कि आरोपी निर्धारित स्थान पर शराब की दुकान नहीं खुलने दे रहे हैं। जब उनसे हटने का अनुरोध किया गया, तो गाली गलौज की गई। 9 जून को जब प्रशासन के हस्तक्षेप से दुकान खुल गई, तो उन्होंने ग्राहकों का रास्ता रोक लिया। विवेचना उपरांत चार्जशीट न्यायालय प्रेषित की गई। बचाव पक्ष के अधिवक्ता शशि प्रसाद चमोली ने अभियोजन के सारे आरोपों को नकारते हुए कहा कि आरोपियों ने कुछ भी ऐसा काम नहीं किया, जिससे लोकशांति भंग हुई हो। उन्होंने आरोपों को निराधार बताया। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट अमित कुमार ने सभी आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया।
विज्ञापन