आपदा प्रबंधन की बैठक में अनुपस्थित रहना पांच अधिकारियों को भारी पड़ गया है। डीएम डा. विजय कुमार जोगदंडे ने अधिकारियों की अनुपस्थिति को गंभीर लापरवाही बताते हुए पांचों अधिकारियों का स्पष्टीकरण तलब किया। आपदा प्रबंधन की बैठक में जल निगम, मत्स्य, विद्युत, लोनिवि एनएच खंड धुमाकोट व पशुपालन विभाग के अधिकारी नदारद रहे। डीएम ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को कोटद्वार व श्रीनगर में बाढ़ चौकियां स्थापित करने, एसडीएम श्रीनगर को प्रत्येक सप्ताह जल विद्युत परियोजना व सिंचाई विभाग के अधिकारियों से जल स्तर की समीक्षा करने के निर्देश भी दिए।
जिलाधिकारी कार्यालय सभागार में आयोजित आपदा प्रबंधन की बैठक में डीएम डा. विजय कुमार जोगदंडे ने कहा कि बारिश के पानी निकासी की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए। इस संबंध में किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोनिवि के समस्त खंडों के अधिकारियों को जेसीबी की संख्या, तैनाती स्थल, संचालकों के दूरभाष नंबरों की जानकारी तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही जिले के निकायों के अधिकारियों को नगर में जर्जर भवनों पर नोटिस चस्पा करने व नालियों की साफ-सफाई के निर्देश भी दिए। बैठक में सीडीओ प्रशांत कुमार आर्य, एडीएम ईला गिरी, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी दीपेंद्र काला, डीडीओ पुष्पेंद्र चौहान, एसडीएम श्रीनगर अजयवीर सिंह, चौबट्टाखाल संदीप कुमार, आरटीओ अनीता चंद, सीओ सदर पीएल टम्टा, सीईओ डा. आनंद भारद्वाज और ईओ पौड़ी प्रदीप बिष्ट आदि मौजूद रहे।