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मोटर मार्ग स्वीकृत न होने पर ग्रामीणों में आक्रोश
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विकासखंड कोट के तीन गांव आज भी सड़क सुविधा से वंचित हैं। आक्रोशित ग्रामीणों ने मोटरमार्ग स्वीकृत न किए जाने पर शासन-प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन शुरू करने की चेतावनी दी है।
क्षेत्र पंचायत सदस्य शांति लाल लिंगवाल ने बताया कि अब तक उनके क्षेत्र के चामपाणी, धौलकंडी, श्रीपुर व कंडोली गांव के लिए सड़क स्वीकृत नहीं की गई है। इस कारण ग्रामीणों को 2 से 8 किमी की दूरी नापनी पड़ रही है। कई बार क्षेत्रीय विधायक और मुख्यमंत्री से गुहार लगाई गई लेकिन किसी ने ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से नहीं लिया। लिंगवाल ने बताया कि सड़क सुविधा के अभाव में ग्रामीणों को आए दिन मोटर मार्ग से गांव तक पहुंचने के लिए खड़ी चढ़ाई चढ़नी पड़ रही है। मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने में काफी मुश्किलें हो रही हैं जबकि पेयजल समस्या होने पर मोटर मार्ग के किनारे लगे हैंडपंपों से प्यास बुझाते हैं। गांव तक सड़क पहुंच जाती तो हैंडपंप लगने से उनकी पेयजल की समस्या भी हल हो जाती। लिंगवाल ने कहा कि अगर उक्त गांवों के लिए शीघ्र सड़क स्वीकृत नहीं की गई तो वह परेशान ग्रामीणों के साथ मिलकर शासन और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर देंगे।
अब तक उक्त गांवों को सड़क से जोड़ने का हमारे पास कोई प्रस्ताव नहीं पहुंचा है। मोटरमार्ग निर्माण के लिए विधायक या मंत्री की स्वीकृति जरूरी है।-आरपी नैथानी, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग, श्रीनगर।
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क्षेत्र पंचायत सदस्य शांति लाल लिंगवाल ने बताया कि अब तक उनके क्षेत्र के चामपाणी, धौलकंडी, श्रीपुर व कंडोली गांव के लिए सड़क स्वीकृत नहीं की गई है। इस कारण ग्रामीणों को 2 से 8 किमी की दूरी नापनी पड़ रही है। कई बार क्षेत्रीय विधायक और मुख्यमंत्री से गुहार लगाई गई लेकिन किसी ने ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से नहीं लिया। लिंगवाल ने बताया कि सड़क सुविधा के अभाव में ग्रामीणों को आए दिन मोटर मार्ग से गांव तक पहुंचने के लिए खड़ी चढ़ाई चढ़नी पड़ रही है। मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने में काफी मुश्किलें हो रही हैं जबकि पेयजल समस्या होने पर मोटर मार्ग के किनारे लगे हैंडपंपों से प्यास बुझाते हैं। गांव तक सड़क पहुंच जाती तो हैंडपंप लगने से उनकी पेयजल की समस्या भी हल हो जाती। लिंगवाल ने कहा कि अगर उक्त गांवों के लिए शीघ्र सड़क स्वीकृत नहीं की गई तो वह परेशान ग्रामीणों के साथ मिलकर शासन और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर देंगे।
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अब तक उक्त गांवों को सड़क से जोड़ने का हमारे पास कोई प्रस्ताव नहीं पहुंचा है। मोटरमार्ग निर्माण के लिए विधायक या मंत्री की स्वीकृति जरूरी है।-आरपी नैथानी, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग, श्रीनगर।
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