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दीपावली पर धड़ल्ले बिकी पालीथिन
Pauri
Updated Sat, 25 Oct 2014 05:32 AM IST
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कोटद्वार। नगर पालिका क्षेत्र में पालीथिन पर प्रतिबंध के बावजूद भी दीपावली पर पालीथिन का जमकर प्रयोग हुआ। दुकानों से लेकर फड़ और ठेली पर खुलेआम पालीथिन के बैग में सामान दिया जाता रहा। प्रशासन भी पूरी तरह से मूकदर्शक बना रहा।
नगर में ालीथिन के कैरीबैक पूरी तरह से प्रतिबंधित हैं। नगर पालिका ने बीती एक जनवरी को इस पर प्रतिबंध लगवा दिया था। लेकिन चोरी छिपे कुछ दुकानदार पालीथिन का प्रयोग करते रहे हैं। नगर पालिका के पकड़ में आने पर कई बार चालान भी होते रहे। दीपावली पर खील बतासे, पटाखे, मिठाइयां व अन्य सामान पालीथिन पर बेचा जा रहा था। यहां तक कि खील बतासे बेचने वाले तो पहले से ही सामान पालीथिन की थैलियों में पैक करके रखे हुए थे। लेकिन इस पूरे मामले में नगर पालिका और तहसील प्रशासन पूरी तरह से मूक दर्शक बने रहे।
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खाली कर दिया पूरा स्टाक
- पालीथिन प्रतिबंध होने के बाद कई होलसेलरों के पास काफी स्टाक बचा हुआ था। जिसको खपाने के लिए उनके पास इससे बेहतर मौका नहीं हो सकता था। बाजार में सैकड़ों फड़ और दुकानें अलग-अलग आइटम की लगी हुई थी। लगभग सभी में पालीथिन खूब चल रही थी। तीन दिनों में कई क्विंटल पालीथिन बाजार में बेच दी गई।
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जूट के थैले से क्यों हो रहा परहेज
- नगर में पालीथिन प्रतिबंध के समय जूट के पालीथिन की आकार के थैले का विकल्प दिया गया था। कुछ जगह पर यह थैले चल भी रहे हैं। जिसमें कुछ मिठाई और कपड़े की दुकानों पर यह जूट के थैले दिख भी रहे हैं।
सोमवार से चलेगा अभियान
- दीपावली में पालीथिन का प्रयोग हद से ज्यादा हुआ है। त्योहार के चलते इसपर कार्रवाई नहीं की गई। सोमवार से तहसील प्रशासन के साथ मिलकर अभियान चलाया जाएगा।
- रश्मि राणा, अध्यक्ष नगर पालिका कोटद्वार
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नगर में ालीथिन के कैरीबैक पूरी तरह से प्रतिबंधित हैं। नगर पालिका ने बीती एक जनवरी को इस पर प्रतिबंध लगवा दिया था। लेकिन चोरी छिपे कुछ दुकानदार पालीथिन का प्रयोग करते रहे हैं। नगर पालिका के पकड़ में आने पर कई बार चालान भी होते रहे। दीपावली पर खील बतासे, पटाखे, मिठाइयां व अन्य सामान पालीथिन पर बेचा जा रहा था। यहां तक कि खील बतासे बेचने वाले तो पहले से ही सामान पालीथिन की थैलियों में पैक करके रखे हुए थे। लेकिन इस पूरे मामले में नगर पालिका और तहसील प्रशासन पूरी तरह से मूक दर्शक बने रहे।
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खाली कर दिया पूरा स्टाक
- पालीथिन प्रतिबंध होने के बाद कई होलसेलरों के पास काफी स्टाक बचा हुआ था। जिसको खपाने के लिए उनके पास इससे बेहतर मौका नहीं हो सकता था। बाजार में सैकड़ों फड़ और दुकानें अलग-अलग आइटम की लगी हुई थी। लगभग सभी में पालीथिन खूब चल रही थी। तीन दिनों में कई क्विंटल पालीथिन बाजार में बेच दी गई।
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जूट के थैले से क्यों हो रहा परहेज
- नगर में पालीथिन प्रतिबंध के समय जूट के पालीथिन की आकार के थैले का विकल्प दिया गया था। कुछ जगह पर यह थैले चल भी रहे हैं। जिसमें कुछ मिठाई और कपड़े की दुकानों पर यह जूट के थैले दिख भी रहे हैं।
सोमवार से चलेगा अभियान
- दीपावली में पालीथिन का प्रयोग हद से ज्यादा हुआ है। त्योहार के चलते इसपर कार्रवाई नहीं की गई। सोमवार से तहसील प्रशासन के साथ मिलकर अभियान चलाया जाएगा।
- रश्मि राणा, अध्यक्ष नगर पालिका कोटद्वार