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ढेड़ घंटे तक अटकी रही छह लोगों की सांसे
Pauri
Updated Thu, 25 Sep 2014 05:31 AM IST
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कोटद्वार। ग्रास्टनगंज स्थित खाम गार्डन क्षेत्र में तहसील कर्मी के क्वाटर पर एक बार फिर हाथियों ने हमला बोल दिया। करीब डेढ़ घंटे तक छह लोगों की सांसे अटकी रही। वन कर्मियों ने किसी प्रकार पटाखे फोड़कर और आग जलाकर हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ा।
बुधवार देश शाम करीब साड़े छह बजे तहसील के चतुर्थश्रेणी कर्मचार पूरण चंद्र चटर्जी और उनके परिवार के पांच सदस्यों में उस समय कोहराम मच गया जब दो कमरों के क्वाटर के बाहर हाथियों की चिंघाड़ सुनाई दी। हाथियों की चिंघाड़ सुनकर पूरण ने कमरे से बाहर झांका। घर के बाहर खड़े करीब दर्जनभर विशालकाय हाथियों को देख उसके पांव तले जमीन खिसक गई। हाथियों ने कमरों को चारों ओर से घेर रखा था। हाथियों के चलने से क्वाटर की दीवारें हिल रही थी। वह अपनी पत्नी, बेटा, बहू और दो नातियों के साथ कमरे के एक कोने में दुबक गया। करीब डेढ़ घंटे हाथी क्वाटर के चक्कर काटते रहे। सूचना मिलने पर आए लैंसडौन वन प्रभाग के कर्मकारियों ने पटाखों के धमाकों और मशाल जलाकर किसी प्रकार हाथियों को खदेड़ा। तब जाकर पूरण और उसके परिवार की सांस में आई।
लैंसडौन वन प्रभाग के हाथी कोरिडोर क्षेत्र में स्थापित तहसील का यह अकेला दो कमरों का क्वाटर है। पहले भी हाथियों ने यहां रात भर उत्पात मचाया था। लैंसडौन वन प्रभाग के डीएफओ नितीश मणी त्रिपाठी ने कहा कि सूचना मिलते ही कर्मचारियों को मौके पर भेज दिया गया है। हाथी कोरिडोर क्षेत्र होने के कारण तहसील कर्मी को अंयत्र शिफ्ट होने की सलाह दी गई है।
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फाइल फोटो-
जारी- नरेश थपलियाल
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बुधवार देश शाम करीब साड़े छह बजे तहसील के चतुर्थश्रेणी कर्मचार पूरण चंद्र चटर्जी और उनके परिवार के पांच सदस्यों में उस समय कोहराम मच गया जब दो कमरों के क्वाटर के बाहर हाथियों की चिंघाड़ सुनाई दी। हाथियों की चिंघाड़ सुनकर पूरण ने कमरे से बाहर झांका। घर के बाहर खड़े करीब दर्जनभर विशालकाय हाथियों को देख उसके पांव तले जमीन खिसक गई। हाथियों ने कमरों को चारों ओर से घेर रखा था। हाथियों के चलने से क्वाटर की दीवारें हिल रही थी। वह अपनी पत्नी, बेटा, बहू और दो नातियों के साथ कमरे के एक कोने में दुबक गया। करीब डेढ़ घंटे हाथी क्वाटर के चक्कर काटते रहे। सूचना मिलने पर आए लैंसडौन वन प्रभाग के कर्मकारियों ने पटाखों के धमाकों और मशाल जलाकर किसी प्रकार हाथियों को खदेड़ा। तब जाकर पूरण और उसके परिवार की सांस में आई।
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लैंसडौन वन प्रभाग के हाथी कोरिडोर क्षेत्र में स्थापित तहसील का यह अकेला दो कमरों का क्वाटर है। पहले भी हाथियों ने यहां रात भर उत्पात मचाया था। लैंसडौन वन प्रभाग के डीएफओ नितीश मणी त्रिपाठी ने कहा कि सूचना मिलते ही कर्मचारियों को मौके पर भेज दिया गया है। हाथी कोरिडोर क्षेत्र होने के कारण तहसील कर्मी को अंयत्र शिफ्ट होने की सलाह दी गई है।
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फाइल फोटो-
जारी- नरेश थपलियाल