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‘गंगा-हिमालय और देव संस्कृति को बचाएं’

Sat, 05 Jan 2013 05:30 AM IST
Pauri
Pauri Updated Sat, 05 Jan 2013 05:30 AM IST
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श्रीनगर। गंगा-हिमालय और देव संस्कृति के संरक्षण के लिए हरिद्वार से यहां पहुंचने वाली जनजागरण रथ यात्रा की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस क्रम मं प्रकृति पर्यावरण संस्थान कार्यालय में बैठक आयोजित की गई। इस मौके पर हरिद्वार से गंगा-हिमालय संरक्षण यात्रा का संदेश लेकर पहुंचे गंगा आह्वान के सदस्य हेमंत ध्यानी, लालचंद विश्वकर्मा व नीरज सती ने हिमालय घाटियों और नदियों तथा संस्कृति पर बढ़ रहे संकट के प्रति सभी से एकजुट होने का आह्वान किया।
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बैठक में प्रकृति पर्यावरण संस्थान के सदस्यों और अन्य लोगों ने धारी देवी के अस्तित्व पर गंभीर संकट के प्रति चिंता व्यक्त की। इसके लिए पुन: जनजागरण की आवश्यकता बताई गई। धारी देवी संघर्ष समिति की सरोज पंवार ने कहा कि इस जनजागरण में स्थानीय लोगों को भारी संख्या में जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। समिति की सुमन नौटियाल, सुशीला चमोली ने कहा कि मां धारी देवी के पूजन, प्रार्थना व जागरण के कार्यक्रम आयोजित कर मां का आह्वान किया जाएगा। प्रकृति पर्यावरण संस्थान की बीना चौधरी ने बांध निर्माण कंपनी के भ्रष्टाचार व मनमानी पर प्रशासन व शासन की मौन स्वीकृति का आरोप लगाया। धारी देवी आंदोलन में सक्रिय बुद्धिबल्लभ चमोली व भोपाल चौधरी के संयोजन में गठित दल द्वारा निर्णय लिया गया कि दस जनवरी से रथ यात्रा शुरू की जाएगी। इसकी शुरुआत धारी देवी से होगी।
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