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प्लेसमेंट सेल की बैठक से छात्रों का बहिष्कार
Pauri
Updated Sun, 14 Oct 2012 12:00 PM IST
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श्रीनगर। गढ़वाल केंद्रीय विवि के कैरियर काउंसिलिंग एवं प्लेसमेंट सेल के कामकाज पर शनिवार को छात्र भड़क उठे। प्लेसमेंट सेल के अंतर्गत प्रभावी बोर्ड बनाने के क्रम में आयोजित बैठक में छात्रों की नाराजगी सामने आई। कुछ छात्रों ने विश्वविद्यालय स्तर पर ट्रेनिंग और प्लेसमेंट की उचित व्यवस्था न करने पर विरोध जाहिर किया, तो कई छात्रों ने 11 वें प्लान में आए 22 लाख रुपये के लैप्स हो जाने के मामले को उठाया। बैठक के अंतिम क्षणों में विश्वविद्यालय के अफसरों की ओर से संतोषजनक जवाब न मिलने पर छात्रों ने बहिष्कार भी किया।
गढ़वाल विवि के बिड़ला परिसर स्थित डीन सभागार में आयोजित बैठक में छात्रों ने पर्सनल्टी व स्कील डेवलपमेंट प्रोग्राम चलाने, विभागों में फैकल्टी नियुक्त करने, विभिन्न विषय विशेषज्ञों को विभागों में बुलाए जाने के सुझाव दिए। प्रत्येक विभाग से दो-दो छात्रों व एक शिक्षक को प्रतिनिधित्व देने पर फिर से चरचा हुई। इस क्रम में स्टूडेंट काउंसलर बनाने का भी निर्णय लिया गया। छात्रों ने कहा कि फैकल्टी के अभाव में जब उन्हें कुछ सीखने को ही नहीं मिलेगा, तो वह प्लेसमेंट के लिए आई कंपनी के सामने किस प्रकार अपनी योग्यता साबित कर पाएंगे। बैठक में प्लेसमेंट सेल के निदेशक प्रो. सीएस सूद ने कहा बोर्ड के गठित होने का लाभ जल्द ही छात्रों को मिलेगा। मौके पर डीएसडब्लू प्रो. पीएस राणा, प्रो. एमएम सेमवाल, प्रो. पी. प्रसाद, प्रो. एससी गुप्ता ने भी विचार रखे। इससे पूर्व प्लेसमेंट ऑफिसर संजय ध्यानी ने वर्ष 2006 में अस्तित्व में आने के बाद सेल के कार्यो को छात्रों के सामने रखा।
इस बीच, छात्रों ने प्लेसमेंट सेल के 11वें प्लॉन में आए 22 लाख रुपए लैप्स होने का सवाल उठाया। संतोषजनक उत्तर न मिलने पर छात्र भड़क गए। छात्र बैठक का बहिष्कार कर बाहर निकल आए। छात्रों ने प्लेसमेंट सेल को बंद कर इसके कार्यो की जांच की मांग भी की। इस दौरान छात्रों ने कहा कि विवि का प्लेसमेंट पोर्टल भी काम नहीं करता है। ऐसे में कंपनियां कैसे विवि की ओर रुख कर पाएंगी। विरोध जताने वालों में संयुक्त छात्र परिषद के विकास कठैत, अंकित कपरवाण, एपेक्स बॉडी के अध्यक्ष शैलेश मलासी, छात्र संघ महासचिव कीर्ति सिंह नेगी, सहसचिव दीपक भंडारी, संदीप भट्ट, विकास चौहान, पुष्पेंद्र पंवार, अर्जुन कृष्ण गैरोला आदि शामिल रहे।
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फोटो
मेरिट सूची चस्पा न होने पर छात्र नाराज
बीएड पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए देर शाम तक चली काउंसिलिंग
क्रासर-
-विश्वविद्यालय के तीनों परिसरों के लिए काउंसिलिंग आयोजित
-छात्रों को 30 अक्तूबर तक लेना होगा अनिवार्य रूप से प्रवेश
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के बीएड सत्र 2012-13 में बिड़ला, पौड़ी एवं टिहरी परिसर में प्रवेश के लिए काउंसिलिंग की गई। काउंसिलिंग स्थल पर मेरिट सूची चस्पा न किए जाने पर छात्रों ने कड़ा रोष जताया। छात्रों के विरोध को देखते हुए काउंसिलिंग बोर्ड ने बाद में विज्ञान एवं कला वर्ग के छात्राें की मेरिट सूची चस्पा कर दी। इसके बाद ही छात्र शांत हुए। विज्ञान वर्ग की सभी सीटों पर काउंसिलिंग करा ली गई है। बिड़ला परिसर में सामान्य, महिला एवं अन्य आरक्षित वर्गो की 50, टिहरी परिसर की 30 व पौड़ी परिसर की 40 सीटों पर प्रवेश हुए। सफल छात्रों को तीस अक्तूबर तक संबधित परिसरों में अनिवार्य रूप से प्रवेश लेना होगा।
गढ़वाल केंद्रीय विवि के बिड़ला परिसर स्थित पुस्तकालय हॉल में बिड़ला एवं टिहरी परिसर की क्रमश: 140 व 100 राजकीय सीटों तथा पौड़ी परिसर की 70 वित्त पोषित सीटों के लिए शनिवार को काउंसिलिंग कराई गई। बीएड प्रवेश परीक्षा की मेरिट में रहे दूर-दराज के छह सौ से अधिक छात्र-छात्राओं ने काउंसिलिंग में भाग लिया। विज्ञान वर्ग की मेरिट सूची चस्पा न होने पर छात्रों के विरोध के कारण काउंसिलिंग शाम चार बजे तक चली। इसके बाद काउंसिलिंग बोर्ड ने कला वर्ग के छात्रों को काउंसिलिंग प्रक्रिया शुरू की। देर शाम तक बिड़ला परिसर में कला वर्ग के सामान्य, महिला एवं अन्य आरक्षित वर्गो की 90, टिहरी परिसर की 40 व पौड़ी परिसर की 60 सीटों पर काउंसिलिंग जारी थी। काउंसिलिंग कराने में प्रो.आरके श्रीवास्तव, प्रो. शशिकिरण पांडे, प्रो. एनएस बिष्ट, डा. एसके लखेड़ा, डा. अनिल नौटियाल, जीसी मधवाल, धमेंद्र गुंसाई, सुभाष भट्ट, पवन बिष्ट आदि ने सहयोग दिया।
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गढ़वाल विवि के बिड़ला परिसर स्थित डीन सभागार में आयोजित बैठक में छात्रों ने पर्सनल्टी व स्कील डेवलपमेंट प्रोग्राम चलाने, विभागों में फैकल्टी नियुक्त करने, विभिन्न विषय विशेषज्ञों को विभागों में बुलाए जाने के सुझाव दिए। प्रत्येक विभाग से दो-दो छात्रों व एक शिक्षक को प्रतिनिधित्व देने पर फिर से चरचा हुई। इस क्रम में स्टूडेंट काउंसलर बनाने का भी निर्णय लिया गया। छात्रों ने कहा कि फैकल्टी के अभाव में जब उन्हें कुछ सीखने को ही नहीं मिलेगा, तो वह प्लेसमेंट के लिए आई कंपनी के सामने किस प्रकार अपनी योग्यता साबित कर पाएंगे। बैठक में प्लेसमेंट सेल के निदेशक प्रो. सीएस सूद ने कहा बोर्ड के गठित होने का लाभ जल्द ही छात्रों को मिलेगा। मौके पर डीएसडब्लू प्रो. पीएस राणा, प्रो. एमएम सेमवाल, प्रो. पी. प्रसाद, प्रो. एससी गुप्ता ने भी विचार रखे। इससे पूर्व प्लेसमेंट ऑफिसर संजय ध्यानी ने वर्ष 2006 में अस्तित्व में आने के बाद सेल के कार्यो को छात्रों के सामने रखा।
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इस बीच, छात्रों ने प्लेसमेंट सेल के 11वें प्लॉन में आए 22 लाख रुपए लैप्स होने का सवाल उठाया। संतोषजनक उत्तर न मिलने पर छात्र भड़क गए। छात्र बैठक का बहिष्कार कर बाहर निकल आए। छात्रों ने प्लेसमेंट सेल को बंद कर इसके कार्यो की जांच की मांग भी की। इस दौरान छात्रों ने कहा कि विवि का प्लेसमेंट पोर्टल भी काम नहीं करता है। ऐसे में कंपनियां कैसे विवि की ओर रुख कर पाएंगी। विरोध जताने वालों में संयुक्त छात्र परिषद के विकास कठैत, अंकित कपरवाण, एपेक्स बॉडी के अध्यक्ष शैलेश मलासी, छात्र संघ महासचिव कीर्ति सिंह नेगी, सहसचिव दीपक भंडारी, संदीप भट्ट, विकास चौहान, पुष्पेंद्र पंवार, अर्जुन कृष्ण गैरोला आदि शामिल रहे।
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मेरिट सूची चस्पा न होने पर छात्र नाराज
बीएड पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए देर शाम तक चली काउंसिलिंग
क्रासर-
-विश्वविद्यालय के तीनों परिसरों के लिए काउंसिलिंग आयोजित
-छात्रों को 30 अक्तूबर तक लेना होगा अनिवार्य रूप से प्रवेश
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के बीएड सत्र 2012-13 में बिड़ला, पौड़ी एवं टिहरी परिसर में प्रवेश के लिए काउंसिलिंग की गई। काउंसिलिंग स्थल पर मेरिट सूची चस्पा न किए जाने पर छात्रों ने कड़ा रोष जताया। छात्रों के विरोध को देखते हुए काउंसिलिंग बोर्ड ने बाद में विज्ञान एवं कला वर्ग के छात्राें की मेरिट सूची चस्पा कर दी। इसके बाद ही छात्र शांत हुए। विज्ञान वर्ग की सभी सीटों पर काउंसिलिंग करा ली गई है। बिड़ला परिसर में सामान्य, महिला एवं अन्य आरक्षित वर्गो की 50, टिहरी परिसर की 30 व पौड़ी परिसर की 40 सीटों पर प्रवेश हुए। सफल छात्रों को तीस अक्तूबर तक संबधित परिसरों में अनिवार्य रूप से प्रवेश लेना होगा।
गढ़वाल केंद्रीय विवि के बिड़ला परिसर स्थित पुस्तकालय हॉल में बिड़ला एवं टिहरी परिसर की क्रमश: 140 व 100 राजकीय सीटों तथा पौड़ी परिसर की 70 वित्त पोषित सीटों के लिए शनिवार को काउंसिलिंग कराई गई। बीएड प्रवेश परीक्षा की मेरिट में रहे दूर-दराज के छह सौ से अधिक छात्र-छात्राओं ने काउंसिलिंग में भाग लिया। विज्ञान वर्ग की मेरिट सूची चस्पा न होने पर छात्रों के विरोध के कारण काउंसिलिंग शाम चार बजे तक चली। इसके बाद काउंसिलिंग बोर्ड ने कला वर्ग के छात्रों को काउंसिलिंग प्रक्रिया शुरू की। देर शाम तक बिड़ला परिसर में कला वर्ग के सामान्य, महिला एवं अन्य आरक्षित वर्गो की 90, टिहरी परिसर की 40 व पौड़ी परिसर की 60 सीटों पर काउंसिलिंग जारी थी। काउंसिलिंग कराने में प्रो.आरके श्रीवास्तव, प्रो. शशिकिरण पांडे, प्रो. एनएस बिष्ट, डा. एसके लखेड़ा, डा. अनिल नौटियाल, जीसी मधवाल, धमेंद्र गुंसाई, सुभाष भट्ट, पवन बिष्ट आदि ने सहयोग दिया।