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फांसी के फंदे पर झूली दो मासूम जिंदगियां
Pauri
Updated Sun, 14 Oct 2012 12:00 PM IST
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कोटद्वार। शनिवार को अपर कालाबड़ में एक किशोर ने फांसी के फंदे पर झूलकर जान दे दी। किशोर को उसके पिता ने ट्यूशन न जाने पर डांटा था। इससे क्षुब्ध होकर उसने आत्मघाती कदम उठा लिया। इस घटना से परिवार जनों में मातम छा गया है।
अपर कालाबड़ निवासी 16 वर्षीय हर्षित पुत्र केएन बरमोला सुबह दस बजे अपने कमरे में पंखे में झूलता हुआ मिला। बताया जा रहा है कि वह पहले जाग गया था। उसके बाद फिर से कमरे में जाकर उसने एक दुपट्टे का फंदा बनाया और पंखे पर लटकर अपनी जीवन समाप्त कर लिया। जब वह काफी देर तक बाहर नहीं आया तो उसकी मां ने सोचा कि देर तक सोया हुआ है। अपने छोटे बेटे को उसे जगाने के लिए उन्होंने भेजा। छोटे बेटे ने खिड़की से झांक कर देखा, तो हर्षित को पंखे पर लटका देखकर वह चिल्ला पड़ा। आनन-फानन में घरवाले वहां पहुंचे, तो उन्हें खुदकुशी की जानकारी हुई।
मिली जानकारी के अनुसार हर्षित को उसके पिता ने ट्यूशन नहीं जाने पर फटकार लगाई थी। इसी बात को लेकर उसने ऐसा कदम उठा लिया। पुलिस को उसके पिता ने बताया कि वह काफी दिनों से परेशान चल रहा था। पिछले दो चार दिनों से खोया-खोया रह रहा था। कुछ पूछने पर भी कोई जवाब नहीं दे रहा था। इन सब बातों को लेकर उसे थोड़ी सी डांट लगाई थी। यह भी बताया जा रहा है कि उसका अपने साथ के ही दो युवकों के साथ किसी बात को लेकर तनातनी चल रही थी। पहले तो हर्षित के परिजन पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर रहे थे, लेकिन पुलिस के समझाने पर परिजन इसके लिए तैयार हो गये। सीओ अरुणा भारती ने घटना स्थल का मुआयना कर जानकारी ली।
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अपर कालाबड़ निवासी 16 वर्षीय हर्षित पुत्र केएन बरमोला सुबह दस बजे अपने कमरे में पंखे में झूलता हुआ मिला। बताया जा रहा है कि वह पहले जाग गया था। उसके बाद फिर से कमरे में जाकर उसने एक दुपट्टे का फंदा बनाया और पंखे पर लटकर अपनी जीवन समाप्त कर लिया। जब वह काफी देर तक बाहर नहीं आया तो उसकी मां ने सोचा कि देर तक सोया हुआ है। अपने छोटे बेटे को उसे जगाने के लिए उन्होंने भेजा। छोटे बेटे ने खिड़की से झांक कर देखा, तो हर्षित को पंखे पर लटका देखकर वह चिल्ला पड़ा। आनन-फानन में घरवाले वहां पहुंचे, तो उन्हें खुदकुशी की जानकारी हुई।
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मिली जानकारी के अनुसार हर्षित को उसके पिता ने ट्यूशन नहीं जाने पर फटकार लगाई थी। इसी बात को लेकर उसने ऐसा कदम उठा लिया। पुलिस को उसके पिता ने बताया कि वह काफी दिनों से परेशान चल रहा था। पिछले दो चार दिनों से खोया-खोया रह रहा था। कुछ पूछने पर भी कोई जवाब नहीं दे रहा था। इन सब बातों को लेकर उसे थोड़ी सी डांट लगाई थी। यह भी बताया जा रहा है कि उसका अपने साथ के ही दो युवकों के साथ किसी बात को लेकर तनातनी चल रही थी। पहले तो हर्षित के परिजन पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर रहे थे, लेकिन पुलिस के समझाने पर परिजन इसके लिए तैयार हो गये। सीओ अरुणा भारती ने घटना स्थल का मुआयना कर जानकारी ली।
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