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-कमल रावत के नाटक का 15 शहरों में होगा मंचन
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श्रीनगर। पौड़ी जिले के खंडाह गांव निवासी कमल रावत की ओर से लिखित हिंदी नाटक ‘गढ़गाथा: मुगल शहजादा’ का मंचन देश के 15 प्रमुख शहरों में किया जाएगा। यह नाटक उदीयमान नाटककार कमल के गढ़वाली उपन्यास टीका सलीम साही पर आधारित है। कमल इससे पूर्व गढ़वाली नाटक देवलगढ़ व बोल बबरीक बोल भी लिख चुके हैं। उनके नृत्य नाटक बोल बबरीक बोल का उत्तराखंड सहित अन्य राज्यों में मंचन हो चुका है।
एनएसडी (राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय) इन दिनों देहरादून में अभिनय एवं रंगमंच की प्रशिक्षण कार्यशाला चला रहा है। इस कार्यशाला में कमल रावत के नए ऐतिहासिक नाटक ‘गढ़गाथा: मुगल शहजादा’ को मंचन के अनुसार तैयार किया जा रहा है। एनएसडी से जुड़े और शैलनट के संस्थापक श्रीश डोभाल ने बताया कि कमल के नाटक को गीत, संगीत, नृत्य संरचना और प्रभावी दृश्यों से सजाकर प्रस्तुत किया जाएगा। कार्यशाला के पश्चात देहरादून में इस नाटक का मंचन होगा। इसके पश्चात एनएसडी और अन्य संस्थाओं के सहयोग से देश के प्रमुख 15 शहरों में इसका मंचन होगा। नाटक में मानवीय मूल्यों, सिद्धांतों के साथ-साथ राजनीतिक महत्वकांक्षा, धार्मिक सहिष्णुता व कट्टरता के संघर्षों का वर्णन है।
एनएसडी (राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय) इन दिनों देहरादून में अभिनय एवं रंगमंच की प्रशिक्षण कार्यशाला चला रहा है। इस कार्यशाला में कमल रावत के नए ऐतिहासिक नाटक ‘गढ़गाथा: मुगल शहजादा’ को मंचन के अनुसार तैयार किया जा रहा है। एनएसडी से जुड़े और शैलनट के संस्थापक श्रीश डोभाल ने बताया कि कमल के नाटक को गीत, संगीत, नृत्य संरचना और प्रभावी दृश्यों से सजाकर प्रस्तुत किया जाएगा। कार्यशाला के पश्चात देहरादून में इस नाटक का मंचन होगा। इसके पश्चात एनएसडी और अन्य संस्थाओं के सहयोग से देश के प्रमुख 15 शहरों में इसका मंचन होगा। नाटक में मानवीय मूल्यों, सिद्धांतों के साथ-साथ राजनीतिक महत्वकांक्षा, धार्मिक सहिष्णुता व कट्टरता के संघर्षों का वर्णन है।
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