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श्रीनगर में जुटे प्रदेश के दस जनपदों के वैद्य
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श्रीनगर। प्रदेश के दस जनपदों से पहुंचे पारंपरिक वैद्यों की बैठक में नई कार्यकारिणी का गठन किया गया है। वैद्यों ने परंपरागत चिकित्सा पद्धति को बचाए रखने व इसको और अधिक बेहतर बनाए जाने के लिए प्रदेश सरकार को सुझाव व मांग पत्र भी भेजा है।
रविवार को आयोजित बैठक में रामकृष्ण पोखरियाल को संगठन का अध्यक्ष, कमलाराम बधानी उपाध्यक्ष, राजेंद्र सिंह रावत सचिव, शुभदीप सिंह उप सचिव, हरीश पैन्यूली सह सचिव, सत्येंद्र सेमवाल कोषाध्यक्ष व अनूप पटवाल को उप कोषाध्यक्ष बनाया गया है। जबकि गजेंद्र सिंह रावत, लता सेमवाल, कुलदीप रमोला व वीरेंद्र सिंह को सदस्य की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कार्यकारिणी के गठन के बाद वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश में आयुष के क्षेत्र में रोजगार की अधिक संभावनाएं है। जोकि प्लायन रोकने में मददगार हो सकता है। यहां जूड़ी-बूटी उत्पादन की अपार संभावनाए भी है। वैद्यों ने शासन से सरकारी सेवा में नियुक्ति दिए जाने की भी मांग की है। इस मौके पर संगठन ने अपने उद्देश्यों व कार्यों की रूप रेखा तैयार कर हर जिले में बैठकें आयोजित करने का भी निर्णय लिया है।
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रविवार को आयोजित बैठक में रामकृष्ण पोखरियाल को संगठन का अध्यक्ष, कमलाराम बधानी उपाध्यक्ष, राजेंद्र सिंह रावत सचिव, शुभदीप सिंह उप सचिव, हरीश पैन्यूली सह सचिव, सत्येंद्र सेमवाल कोषाध्यक्ष व अनूप पटवाल को उप कोषाध्यक्ष बनाया गया है। जबकि गजेंद्र सिंह रावत, लता सेमवाल, कुलदीप रमोला व वीरेंद्र सिंह को सदस्य की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कार्यकारिणी के गठन के बाद वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश में आयुष के क्षेत्र में रोजगार की अधिक संभावनाएं है। जोकि प्लायन रोकने में मददगार हो सकता है। यहां जूड़ी-बूटी उत्पादन की अपार संभावनाए भी है। वैद्यों ने शासन से सरकारी सेवा में नियुक्ति दिए जाने की भी मांग की है। इस मौके पर संगठन ने अपने उद्देश्यों व कार्यों की रूप रेखा तैयार कर हर जिले में बैठकें आयोजित करने का भी निर्णय लिया है।
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