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पौड़ी के महिला अस्पतालों में नहीं एक भी डाक्टर
Updated Tue, 03 Oct 2017 10:39 PM IST
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पौड़ी। जिले के महिला अस्पतालों में एक भी डॉक्टर नहीं हैं। ये सभी महिला अस्पताल जिला मुख्यालय से दूरदराज के इलाकों में हैं। अस्पताल में डॉक्टर न होने के कारण खासकर सुदूरवर्ती क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं का जीवन खतरे में रहता है। महिलाओं और लड़कियों को महिला संबंधी रोगों के उपचार के लिए जिला महिला अस्पताल आना पड़ता है।
पौड़ी जिले में जिला महिला अस्पताल के अलावा दूरदराज के क्षेत्रों में छह छोटे महिला अस्पताल हैं। इनमें अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पौखाल, राजकीय महिला एलोपैथिक अस्पताल बांघाट, महिला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र यमकेश्वर, अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र धुुमाकोट, महिला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र थलीसैंण, महिला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पोखड़ा, महिला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रिखणीखाल, अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दुधारखाल शामिल हैं। यहां तक कि इन महिला अस्पतालों में कुछ एक-एक फार्मेसिस्ट के भरोसे चल रहे हैं। ऐसे में दूरदराज के क्षेत्रों की महिलाएं और लड़कियां कई बार महिलाओं संबंधी रोगों का इलाज भी नहीं करा पाती हैं।
जिले में 228 डॉक्टरों के पद रिक्त
मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय ने शासन को जो रिपोर्ट भेजी है, उससे स्पष्ट है कि ग्रामीण क्षेत्रों में अस्पतालों की सिर्फ इमारतें खड़ी हैं। उनमें उपचार की समुचित व्यवस्था नहीं। रिपोर्ट के मुताबिक जिले में डॉक्टरों के स्वीकृत 337 पदों में से 228 पद रिक्त हैं।
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जिले में रिक्त डॉक्टरों के पदों की सूची स्वास्थ्य महानिदेशालय को भेजी गई है। महिला अस्पतालों की स्थिति से भी महानिदेशालय को अवगत कराया गया है। उम्मीद है कि जल्द समस्या का कुछ समाधान हो जाएगा। -डा. रमेश सिंह राणा, सीएमओ पौड़ी।
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पौड़ी जिले में जिला महिला अस्पताल के अलावा दूरदराज के क्षेत्रों में छह छोटे महिला अस्पताल हैं। इनमें अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पौखाल, राजकीय महिला एलोपैथिक अस्पताल बांघाट, महिला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र यमकेश्वर, अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र धुुमाकोट, महिला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र थलीसैंण, महिला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पोखड़ा, महिला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रिखणीखाल, अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दुधारखाल शामिल हैं। यहां तक कि इन महिला अस्पतालों में कुछ एक-एक फार्मेसिस्ट के भरोसे चल रहे हैं। ऐसे में दूरदराज के क्षेत्रों की महिलाएं और लड़कियां कई बार महिलाओं संबंधी रोगों का इलाज भी नहीं करा पाती हैं।
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जिले में 228 डॉक्टरों के पद रिक्त
मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय ने शासन को जो रिपोर्ट भेजी है, उससे स्पष्ट है कि ग्रामीण क्षेत्रों में अस्पतालों की सिर्फ इमारतें खड़ी हैं। उनमें उपचार की समुचित व्यवस्था नहीं। रिपोर्ट के मुताबिक जिले में डॉक्टरों के स्वीकृत 337 पदों में से 228 पद रिक्त हैं।
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जिले में रिक्त डॉक्टरों के पदों की सूची स्वास्थ्य महानिदेशालय को भेजी गई है। महिला अस्पतालों की स्थिति से भी महानिदेशालय को अवगत कराया गया है। उम्मीद है कि जल्द समस्या का कुछ समाधान हो जाएगा। -डा. रमेश सिंह राणा, सीएमओ पौड़ी।