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सुमाड़ी गांव में दूसरे दिन भी समिति ने किया स्थलीय निरीक्षण
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श्रीनगर। एनआईटी (राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान) उत्तराखंड के स्थायी परिसर निर्माण के लिए गठित भूमि चयन समिति ने दूसरे दिन भी सुमाड़ी का निरीक्षण किया। सूत्रों के अनुसार, समिति ने सुमाड़ी की जमीन को प्रथमदृष्ट्या निर्माण के लिए उपयुक्त पाया। समिति के अध्यक्ष उत्तराखंड के अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने मामला कोर्ट में होने की बात कहकर कुछ बताने से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट प्रदेश और केंद्र सरकार को जल्द सौंप दी जाएगी।
समिति दो दिन से स्थायी कैंपस के लिए सुमाड़ी व आसपास के गांवों के दौरे पर है। मंगलवार को समिति ने श्रीनगर में एनआईटी के प्लान पर मंथन करने के साथ ही स्थलीय निरीक्षण किया।
बताया जा रहा है कि टीम ने सुमाड़ी की भूमि को प्रथमदृष्ट्या उपयुक्त माना, हालांकि पहाड़ की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए प्लान में आवश्यक सुधारों की जरूरत बताई गई। स्थानीय अधिकारियों ने समिति को यह भी बताया कि उक्त क्षेत्र में सालों से कोई प्राकृतिक आपदा भी नहीं हुई(एनआईटी की ओर से कराए गए सर्वेक्षण में यहां भूकंप, भूस्खलन व बादल फटने की संभावना जताई गई थी, जिसके चलते यहां निर्माण कार्य खटाई में पड़ गया था)। टीम के सदस्यों ने यह भी कहा कि जो जगह निर्माण के लायक है, वहां का प्लान बनाया जाए। साथ ही एनआईटी स्वयं तकनीकी संस्थान है, वह अपनी क्षमताओं का उपयोग कर बेहतर निर्माण कार्य करा सकती है। टीम देर शाम निरीक्षण कर वापस लौट गई।
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समिति दो दिन से स्थायी कैंपस के लिए सुमाड़ी व आसपास के गांवों के दौरे पर है। मंगलवार को समिति ने श्रीनगर में एनआईटी के प्लान पर मंथन करने के साथ ही स्थलीय निरीक्षण किया।
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बताया जा रहा है कि टीम ने सुमाड़ी की भूमि को प्रथमदृष्ट्या उपयुक्त माना, हालांकि पहाड़ की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए प्लान में आवश्यक सुधारों की जरूरत बताई गई। स्थानीय अधिकारियों ने समिति को यह भी बताया कि उक्त क्षेत्र में सालों से कोई प्राकृतिक आपदा भी नहीं हुई(एनआईटी की ओर से कराए गए सर्वेक्षण में यहां भूकंप, भूस्खलन व बादल फटने की संभावना जताई गई थी, जिसके चलते यहां निर्माण कार्य खटाई में पड़ गया था)। टीम के सदस्यों ने यह भी कहा कि जो जगह निर्माण के लायक है, वहां का प्लान बनाया जाए। साथ ही एनआईटी स्वयं तकनीकी संस्थान है, वह अपनी क्षमताओं का उपयोग कर बेहतर निर्माण कार्य करा सकती है। टीम देर शाम निरीक्षण कर वापस लौट गई।
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