{"_id":"5b4f71b24f1c1b1e308b5808","slug":"61531933106-pauri-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जल निगम मजदूर यूनियन का गुस्सा फूटा, धरना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जल निगम मजदूर यूनियन का गुस्सा फूटा, धरना
Updated Wed, 18 Jul 2018 10:32 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पौड़ी। जल निगम, जल संस्थान मजदूर यूनियन ने कर्मचारी फील्ड सेवा नियमावली में संशोधन सहित 13 सूत्री मांगों को लेकर जल निगम कार्यालय में प्रदर्शन कर धरना दिया। उन्होंने विभाग पर कर्मचारियों की अनदेखी का आरोप लगाया।
जल निगम कार्यालय में धरने पर बैठे कर्मचारियों ने कहा कि विभाग की ओर से उनकी लंबित मांगों की लगातार अनदेखी की जा रही है, जिससे मजबूर होकर उन्हें आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ा है। संगठन के जिलाध्यक्ष महेश जोशी ने कहा कि ग्रेड वेतन 1800 को उच्चीकृत किया जाए, जबकि लोक निर्माण विभाग के फील्ड कर्मचारियों की तर्ज पर पेयजल निगम कर्मचारियों को भी वाहन भत्ता 1200 दिया जाए। शाखाध्यक्ष कुशलानंद भट्ट ने कहा कि यदि लंबित मांगों पर अमल नहीं हुआ तो संगठन आंदोलन तेज करने को बाध्य होगा। धरना देने वालों में सचिव महेंद्र सिंह, सुभाष जोशी, महेश चंद्र पांडे, रोशन डंडरियाल, सुरेंद्र सिंह नेगी व गोविंद ठाकुर आदि शामिल रहे।
संगठन की कुछ प्रमुख मांगें
-फील्ड कर्मचारियों को कनिष्ठ सहायक पदों पर होने वाली पदोन्नति में टंकण परीक्षा के लिए छह माह का समय मिले
-वर्ष 1995 से 2005 के बीच मृत कार्मिकों के आश्रितों को पेंशन मिले
-फील्ड सेवा नियमावली में संशोधन किया जाए
विज्ञापन
जल निगम कार्यालय में धरने पर बैठे कर्मचारियों ने कहा कि विभाग की ओर से उनकी लंबित मांगों की लगातार अनदेखी की जा रही है, जिससे मजबूर होकर उन्हें आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ा है। संगठन के जिलाध्यक्ष महेश जोशी ने कहा कि ग्रेड वेतन 1800 को उच्चीकृत किया जाए, जबकि लोक निर्माण विभाग के फील्ड कर्मचारियों की तर्ज पर पेयजल निगम कर्मचारियों को भी वाहन भत्ता 1200 दिया जाए। शाखाध्यक्ष कुशलानंद भट्ट ने कहा कि यदि लंबित मांगों पर अमल नहीं हुआ तो संगठन आंदोलन तेज करने को बाध्य होगा। धरना देने वालों में सचिव महेंद्र सिंह, सुभाष जोशी, महेश चंद्र पांडे, रोशन डंडरियाल, सुरेंद्र सिंह नेगी व गोविंद ठाकुर आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
संगठन की कुछ प्रमुख मांगें
-फील्ड कर्मचारियों को कनिष्ठ सहायक पदों पर होने वाली पदोन्नति में टंकण परीक्षा के लिए छह माह का समय मिले
-वर्ष 1995 से 2005 के बीच मृत कार्मिकों के आश्रितों को पेंशन मिले
-फील्ड सेवा नियमावली में संशोधन किया जाए