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शाररिक व मानसिक स्वास्थ्य के लिए योग जरूरी
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श्रीनगर। गढ़वाल विवि के योग विभाग की ओर से आयोजित कार्यशाला में शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य के लिए योग पर जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि मेडिकल साइंस जिन बीमारियों का उपचार नहीं दृढ़ पाया है योग से ही उनका उपचार संभव है।
रविवार को गढ़वाल विवि के योग विभाग की ओर से आयोजित समसामायिक काल में योग चिकित्सा की प्रासंगिकता विषय पर आधारित कार्यशाला का समापन किया गया। इस मौके पर मुख्य अतिथि गढ़वाल विवि के डीएसडब्ल्यू प्रो. पीएस राणा व विशिष्ट अतिथि प्रो. पीके जोशी ने योग के महत्व पर प्रकाश डाला। कहा कि प्राचीन काल में आयुर्वेद व योग का बड़ा महत्व था। गंभीर बीमारियों का उपचार भी इन दो माध्यमों से किया जाता था। इस मौके पर मौजूद संकायध्यक्ष प्रो. जेके गोदियाल, विभागाध्यक्ष चिंताहरण बेताल, डा. मंजू पांडे, डा. हीरालाल यादव व डा. विसोई ने भी योग के महत्व के बारे में जानकारी दी। कहा कि स्वस्थ व निरोग शरीर और मस्तिष्क के लिए नियमित योग जरूरी है। आज के तनाव ग्रस्त समय में मन की शांति व उसको तनाव मुक्त रखने में नियमित योग का बड़ा महत्व है। मानसिक रोगियों के लिए भी दवा की अपेक्षा नियमित योग फायदे मंद है। कार्यशाला में डा. घनश्याम ठाकुर, डा. विनोद नौटियाल, डा. रजनी नौटियाल, दिलीप, गरिमा जयसवाल व विनीत पोस्ती आदि मौजूद थे।
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रविवार को गढ़वाल विवि के योग विभाग की ओर से आयोजित समसामायिक काल में योग चिकित्सा की प्रासंगिकता विषय पर आधारित कार्यशाला का समापन किया गया। इस मौके पर मुख्य अतिथि गढ़वाल विवि के डीएसडब्ल्यू प्रो. पीएस राणा व विशिष्ट अतिथि प्रो. पीके जोशी ने योग के महत्व पर प्रकाश डाला। कहा कि प्राचीन काल में आयुर्वेद व योग का बड़ा महत्व था। गंभीर बीमारियों का उपचार भी इन दो माध्यमों से किया जाता था। इस मौके पर मौजूद संकायध्यक्ष प्रो. जेके गोदियाल, विभागाध्यक्ष चिंताहरण बेताल, डा. मंजू पांडे, डा. हीरालाल यादव व डा. विसोई ने भी योग के महत्व के बारे में जानकारी दी। कहा कि स्वस्थ व निरोग शरीर और मस्तिष्क के लिए नियमित योग जरूरी है। आज के तनाव ग्रस्त समय में मन की शांति व उसको तनाव मुक्त रखने में नियमित योग का बड़ा महत्व है। मानसिक रोगियों के लिए भी दवा की अपेक्षा नियमित योग फायदे मंद है। कार्यशाला में डा. घनश्याम ठाकुर, डा. विनोद नौटियाल, डा. रजनी नौटियाल, दिलीप, गरिमा जयसवाल व विनीत पोस्ती आदि मौजूद थे।
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