{"_id":"599c60a94f1c1bc7578b45a4","slug":"31503420585-pauri-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिक्षकों की कमी दूर करेंगे सेवानिवृत गुरूजन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिक्षकों की कमी दूर करेंगे सेवानिवृत गुरूजन
Updated Tue, 22 Aug 2017 10:19 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पौड़ी। राज्य सरकार सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए सेवानिवृत्त गुरुजनों की मदद लेगी। शिक्षा विभाग गढ़वाल मंडल में सेवानिवृत्त शिक्षकों से आवेदन मांगे जाने की प्रक्रिया को अंतिम रूप देने में जुट गया है। गढ़वाल मंडल के अपर शिक्षा निदेशक कार्यालय द्वारा जल्द इसके लिए आवेदन मांगे जाएंगे।
प्रदेश की विषम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए खासकर पहाड़ी क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की बहुत कमी है। कई स्कूल तो एक-एक शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं। इसे देखते हुए राज्य सरकार ने ऐसेे प्रारंभिक और माध्यमिक स्कूल-कालेजों में जहां शिक्षकों की कमी हो, वहां सेवानिवृत्त शिक्षकों और शिक्षाविदों की सेवाएं लेने का निर्णय लिया है। अगर कोई सेवानिवृत्त शिक्षक नवाचारी (इनोवेटिव) गतिविधियों द्वारा शिक्षण को प्रभावी बनाने के लिए मॉडल शिक्षण करना चाहते हैं, तो उन्हें भी मॉडल शिक्षण की अनुमति दी जा सकती है। निशुल्क शिक्षण कार्य करने वाले इन सेवानिवृत्त शिक्षकों को विद्यालय स्तर पर होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों में, समुदाय और अध्यापक अभिभावक संघ द्वारा सम्मानित किया जाएगा।
कोट
इस बारे में शिक्षा निदेशालय से कल (सोमवार) को ही आदेश मिले हैं। इसी क्रम में जल्द ही विज्ञप्ति जारी कर आवेदन मांगे जाएंगे। बड़ी संख्या में स्कूलों में शिक्षकों के पद रिक्त हैं। इस फैसले से काफी हद तक शिक्षकों की कमी दूर होगी और शिक्षण व्यवस्था सुदृढ़ होगी।
विज्ञापन
-महावीर सिंह बिष्ट, अपर मंडलीय निदेशक (माध्यमिक शिक्षा) गढ़वाल मंडल
विज्ञापन
प्रदेश की विषम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए खासकर पहाड़ी क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की बहुत कमी है। कई स्कूल तो एक-एक शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं। इसे देखते हुए राज्य सरकार ने ऐसेे प्रारंभिक और माध्यमिक स्कूल-कालेजों में जहां शिक्षकों की कमी हो, वहां सेवानिवृत्त शिक्षकों और शिक्षाविदों की सेवाएं लेने का निर्णय लिया है। अगर कोई सेवानिवृत्त शिक्षक नवाचारी (इनोवेटिव) गतिविधियों द्वारा शिक्षण को प्रभावी बनाने के लिए मॉडल शिक्षण करना चाहते हैं, तो उन्हें भी मॉडल शिक्षण की अनुमति दी जा सकती है। निशुल्क शिक्षण कार्य करने वाले इन सेवानिवृत्त शिक्षकों को विद्यालय स्तर पर होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों में, समुदाय और अध्यापक अभिभावक संघ द्वारा सम्मानित किया जाएगा।
विज्ञापन
कोट
इस बारे में शिक्षा निदेशालय से कल (सोमवार) को ही आदेश मिले हैं। इसी क्रम में जल्द ही विज्ञप्ति जारी कर आवेदन मांगे जाएंगे। बड़ी संख्या में स्कूलों में शिक्षकों के पद रिक्त हैं। इस फैसले से काफी हद तक शिक्षकों की कमी दूर होगी और शिक्षण व्यवस्था सुदृढ़ होगी।
विज्ञापन
-महावीर सिंह बिष्ट, अपर मंडलीय निदेशक (माध्यमिक शिक्षा) गढ़वाल मंडल