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पूर्व प्रभारी बाल विकास अधकिरी पर 25000 रुपये जुमाना
Updated Tue, 22 Aug 2017 10:23 PM IST
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पौड़ी। पोखड़ा ब्लॉक की पूर्व प्रभारी बाल विकास परियोजना अधिकारी बीरा बिष्ट पर राज्य सूचना आयोग ने 25000 रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर जिला कार्यक्रम अधिकारी, पौड़ी उनके व्यक्तिगत देयकों से कटौती कर इस धनराशि का भुगतान करेंगे।
ब्लॉक पोखड़ा के ग्राम पाली निवासी राजेंद्र प्रसाद बडोनी ने वर्ष 2015 में जिला कार्यक्रम अधिकारी से बाल विकास परियोजना से संबंधित पांच बिंदुओं पर सूचनाएं मांगी थीं। ये सूचनाएं पोखड़ा ब्लॉक से संबंधित होने के कारण तत्कालीन प्रभारी बाल विकास परियोजना अधिकारी बीरा बिष्ट को निर्देशित किया गया कि आवेदक को सूचनाएं उपलब्ध कराएं। सूचनाएं नहीं मिलने पर आवेदक ने जिला बाल विकास परियोजना अधिकारी पौड़ी के यहां अपील की। अपील का निस्तारण न होने पर राज्य सूचना आयुक्त में शिकायत की गई। राज्य सूचना आयुक्त राजेंद्र सिंह रावत ने मामले की सुनवाई की। आयोग के कई बार पत्र भेजने के बाद भी जब प्रभारी बाल विकास परियोजना अधिकारी ने जवाब नहीं दिया तो स्पष्टीकरण तलब किया। जवाब में बीरा बिष्ट ने बताया कि उन्हें कोई भी डाक प्राप्त नहीं हुई, जबकि पोस्ट आफिस सेड़ियाखाल ने स्पष्ट किया कि उनके द्वारा डाक संबंधित को दे दी गई थी। पक्षों को सुनने और दस्तावेजों का अवलोकन करने के बाद आयोग ने तत्कालीन प्रभारी बाल विकास परियोजना अधिकारी बीरा बिष्ट पर 25000 रुपये के जुर्माने के आदेश दिए।
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ब्लॉक पोखड़ा के ग्राम पाली निवासी राजेंद्र प्रसाद बडोनी ने वर्ष 2015 में जिला कार्यक्रम अधिकारी से बाल विकास परियोजना से संबंधित पांच बिंदुओं पर सूचनाएं मांगी थीं। ये सूचनाएं पोखड़ा ब्लॉक से संबंधित होने के कारण तत्कालीन प्रभारी बाल विकास परियोजना अधिकारी बीरा बिष्ट को निर्देशित किया गया कि आवेदक को सूचनाएं उपलब्ध कराएं। सूचनाएं नहीं मिलने पर आवेदक ने जिला बाल विकास परियोजना अधिकारी पौड़ी के यहां अपील की। अपील का निस्तारण न होने पर राज्य सूचना आयुक्त में शिकायत की गई। राज्य सूचना आयुक्त राजेंद्र सिंह रावत ने मामले की सुनवाई की। आयोग के कई बार पत्र भेजने के बाद भी जब प्रभारी बाल विकास परियोजना अधिकारी ने जवाब नहीं दिया तो स्पष्टीकरण तलब किया। जवाब में बीरा बिष्ट ने बताया कि उन्हें कोई भी डाक प्राप्त नहीं हुई, जबकि पोस्ट आफिस सेड़ियाखाल ने स्पष्ट किया कि उनके द्वारा डाक संबंधित को दे दी गई थी। पक्षों को सुनने और दस्तावेजों का अवलोकन करने के बाद आयोग ने तत्कालीन प्रभारी बाल विकास परियोजना अधिकारी बीरा बिष्ट पर 25000 रुपये के जुर्माने के आदेश दिए।
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