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आपदा में फंसे वाहनों की जानकारी देगी फास्टेग चिप
Updated Sun, 21 Jan 2018 10:44 PM IST
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पौड़ी। अब वाहन चोरी होने या फिर आपदा में फंसने पर उसकी हर जानकारी परिवहन विभाग के पास होगी। पौड़ी परिवहन विभाग ने फास्टेग की शुरूआत कर दी है। फास्टेग एक सेंसर है जो टोल से गुजरते ही वाहन की हर डिटेल हासिल कर लेगा। वाहन स्वामी का नाम, पता और मोबाइल नंबर तक की जानकारी इसमें दर्ज हो जाएगी। इससे वाहन चोरी पर पुलिस आसानी से उसकी तलाश कर सकेगी।
केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय ने एक दिसंबर से वाहनों पर फास्टेग जरूरी कर दिया है। फास्टेग विंडस्क्रीन पर लगने वाली सेंसर चिप है। इस चिप में वाहन स्वामी का पूरा डिटेल होने के साथ ही टैक्स आदि की पूरी जानकारियां सुरक्षित होंगी। वाहन जिस भी टोल से गुजरेेगा उसकी डिटेल ऑनलाइन हो जाएंगी। पहाड़ों के लिहाज से यह इसलिए भी जरूरी है कि आपदा में पता नहीं चलता कि सड़क के दोनों ओर लेंड स्लाइड जोन में कितने वाहन हैं। फास्टेग लगने के बाद यह जानकारी भी परिवहन विभाग के पास मौजूद रहेंगी और वाहनों को आसानी से सुरक्षित सड़क की ओर भी मोड़ा जा सकता है। चिप को समय-समय पर मोबाइल सिम की तरह रिचार्ज किया जा सकता है। परिवहन विभाग ने इसका पंजीकरण शुल्क 100 रुपये तय किया है। परिवहन विभाग ने चिप लगाने के जरूरी इंतजाम जुटा दिए हैं और सोमवार से परिवहन विभाग रजिस्ट्रेशन के साथ वाहनों पर चिप लगाना शुरू कर देगा।
फास्टेग चिप भारतीय स्टेट बैंक की ओर से जारी किए गए हैं और नाकों या अधिकृत केंद्र पर चिप रिचार्ज किए जा सकते हैं। वाहनों के लिए जरूरी है और परिवहन विभाग शीघ्र ही सभी वाहनों पर यह चिप लगा देगा। - द्वारिका प्रसाद, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी पौड़ी।
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केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय ने एक दिसंबर से वाहनों पर फास्टेग जरूरी कर दिया है। फास्टेग विंडस्क्रीन पर लगने वाली सेंसर चिप है। इस चिप में वाहन स्वामी का पूरा डिटेल होने के साथ ही टैक्स आदि की पूरी जानकारियां सुरक्षित होंगी। वाहन जिस भी टोल से गुजरेेगा उसकी डिटेल ऑनलाइन हो जाएंगी। पहाड़ों के लिहाज से यह इसलिए भी जरूरी है कि आपदा में पता नहीं चलता कि सड़क के दोनों ओर लेंड स्लाइड जोन में कितने वाहन हैं। फास्टेग लगने के बाद यह जानकारी भी परिवहन विभाग के पास मौजूद रहेंगी और वाहनों को आसानी से सुरक्षित सड़क की ओर भी मोड़ा जा सकता है। चिप को समय-समय पर मोबाइल सिम की तरह रिचार्ज किया जा सकता है। परिवहन विभाग ने इसका पंजीकरण शुल्क 100 रुपये तय किया है। परिवहन विभाग ने चिप लगाने के जरूरी इंतजाम जुटा दिए हैं और सोमवार से परिवहन विभाग रजिस्ट्रेशन के साथ वाहनों पर चिप लगाना शुरू कर देगा।
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फास्टेग चिप भारतीय स्टेट बैंक की ओर से जारी किए गए हैं और नाकों या अधिकृत केंद्र पर चिप रिचार्ज किए जा सकते हैं। वाहनों के लिए जरूरी है और परिवहन विभाग शीघ्र ही सभी वाहनों पर यह चिप लगा देगा। - द्वारिका प्रसाद, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी पौड़ी।
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