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पुलिस के कड़े पहले में आंदोलनकारियों ने दिया धरना
Updated Sat, 20 Jan 2018 10:45 PM IST
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पौड़ी। पुलिस के कड़े पहरे के बावजूद शनिवार को राज्य आंदोलनकारी आवेदकों ने कलेक्ट्रेट के समीप प्रदर्शन किया। इस दौरान शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की गई। चेतावनी दी कि 824 आवेदनपत्र 10 फरवरी तक स्वीकृत न हुए तो आवेदक उग्र आंदोलन करेंगे।
राज्य निर्माण चिह्नित आंदोलनकारी मंच की प्रदेश महासचिव वीरा भंडारी के नेतृत्व में शनिवार को राज्य आंदोलनकारी के आवेदनकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट में सरकार विरोधी नारे लगाए। बता दें कि पूर्व में इस मांग को लेकर दो बार महिलाएं कलेक्ट्रेट के निर्माणाधीन भवन की छत पर चढ़ गई थीं। इससे सबक लेते हुए शनिवार को कलेक्ट्रेट के आसपास पुलिस का सख्त पहरा रहा। यहां तक कि आसपास के घरों की छतों पर भी पुलिस तैनात की गई थी। प्रदर्शन के दौरान एसडीएम एसएस नेगी मौके पर पहुंचे। आवेदनकर्ताओं ने उन्हें ज्ञापन दिया। ज्ञापन में मांग की गई कि 824 आवेदन शीघ्र स्वीकृत किए जाएं, शासन स्तर पर लंबित आंदोलनकारियों की सूची शीघ्र प्रकाशित की जाए व चिह्नीकरण की तारीख बढ़ाई जाए। चेतावनी दी कि 10 फरवरी तक मांगें पूरी नहीं होने पर अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू कर देंगे। प्रदर्शनकारियों में वीरा भंडारी, सुखदेव बडोनी, साबर सिंह रावत, डा. धनेश्वरी तोमर, सुशील कुमार, मंजू देवी, शकुंतला देवी, देवेश्वरी देवी, लीला देवी, कांति देवी, मोहिन सिंह, बिगरी देवी, रीना चौहान, कमला रावत, सुनील नेगी, हेमंत सुंदरियाल, विनोद सिंह, पीतांबरी देवी, आरती देेवी, गीता रावत, सुभाष रावत, रेवती रावत आदि शामिल रहे।
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राज्य निर्माण चिह्नित आंदोलनकारी मंच की प्रदेश महासचिव वीरा भंडारी के नेतृत्व में शनिवार को राज्य आंदोलनकारी के आवेदनकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट में सरकार विरोधी नारे लगाए। बता दें कि पूर्व में इस मांग को लेकर दो बार महिलाएं कलेक्ट्रेट के निर्माणाधीन भवन की छत पर चढ़ गई थीं। इससे सबक लेते हुए शनिवार को कलेक्ट्रेट के आसपास पुलिस का सख्त पहरा रहा। यहां तक कि आसपास के घरों की छतों पर भी पुलिस तैनात की गई थी। प्रदर्शन के दौरान एसडीएम एसएस नेगी मौके पर पहुंचे। आवेदनकर्ताओं ने उन्हें ज्ञापन दिया। ज्ञापन में मांग की गई कि 824 आवेदन शीघ्र स्वीकृत किए जाएं, शासन स्तर पर लंबित आंदोलनकारियों की सूची शीघ्र प्रकाशित की जाए व चिह्नीकरण की तारीख बढ़ाई जाए। चेतावनी दी कि 10 फरवरी तक मांगें पूरी नहीं होने पर अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू कर देंगे। प्रदर्शनकारियों में वीरा भंडारी, सुखदेव बडोनी, साबर सिंह रावत, डा. धनेश्वरी तोमर, सुशील कुमार, मंजू देवी, शकुंतला देवी, देवेश्वरी देवी, लीला देवी, कांति देवी, मोहिन सिंह, बिगरी देवी, रीना चौहान, कमला रावत, सुनील नेगी, हेमंत सुंदरियाल, विनोद सिंह, पीतांबरी देवी, आरती देेवी, गीता रावत, सुभाष रावत, रेवती रावत आदि शामिल रहे।
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