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मतदाता पर्ची पर सुबह 5 बजे से शाम 7 बजे तक लिखा था मतदान का समय
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नई टिहरी/कर्णप्रयाग/गौचर/रुद्रप्रयाग। इसे मतदाताओं में जागरूकता का अभाव कहे या फिर प्रशासन की नाकामी। मतदाता सूची में नाम जानने के लिए प्रशासन की ओर से जन जागरूकता के कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। 1950 टोल फ्री नंबर पर कॉल कर मतदाता जानकारी ले सकते थे। बावजूद बृहस्पतिवार को वोटर कार्ड लेकर मतदान केंद्र तक पहुंचने पर कई मतदाताओं को बैरंग लौटना पड़ा।
सी ब्लॉक निवासी संपत्ति देवी का नाम मतदाता सूची से गायब था, जबकि उनके पति अवतार सिंह कलूड़ा ने मतदान किया। अनिल भारती और उनकी पत्नी संगीता दोनों का नाम मतदाता सूची में नहीं होने के कारण उन्हें खाली लौटना पड़ा, जबकि उन्होंने विधानसभा और स्थानीय निकाय चुनाव में मतदान किया है। घनसाली वार्ड चार निवासी नरेंद्र डंगवाल और उनकी पत्नी रेखा डंगवाल का नाम भी सूची से गायब था। देहरादून से नई टिहरी मतदान करने पहुंचे शूरवीर सिंह नेगी ने वोट दिया, लेकिन उनकी पत्नी सुमन नेगी का नाम सूची में दर्ज नहीं था। दूसरी ओर कर्णप्रयाग/गौचर में मतदाता सूची से नाम गायब होने से नाराज अनिल कुमार, दरवान सिंह नेगी, संतोषी देवी आदि ने निर्वाचन आयोग से मामले का संज्ञान लेकर संबधित कर्मियों पर कार्रवाई की मांग की। पालिका गौचर के शैल वार्ड निवासी मुकेश शैली ने बताया कि मतदाता सूची में विभागीय कर्मियों की लापरवाही से उनके भाई सुभाष शैली मतदान से वंचित रह गए। दूसरी ओर रुद्रप्रयाग में भी निकाय चुनाव में मतदान करने वाले कई मतदाताओं का नाम लोकसभा निर्वाचन मतदाता सूची से गायब रहे। अधिवक्ता विनोद खंडूडी, मंजू खंडूडी, सुरेश चरण गैरोला आदि ने बताया कि उन्होंने बीते वर्ष नवंबर में निकाय चुनाव के तहत नगर पालिका रुद्रप्रयाग में मतदान किया था। लेकिन लोस चुनाव की मतदाता सूची में उनका नाम नहीं है। जनपद में अन्य कई पोलिंग बूथों पर भी मतदाताओं का नाम सूची में नहीं होने की बात समाने आई, जिस कारण कई मतदाता वोट नहीं दे पाए।
मतदान करने से वंचित रहे वाहन चालक
गोपेश्वर। जिले में पोलिंग पार्टियों को ले जाने और लाने के लिए अधिग्रहित किए गए अधिकांश वाहनों के चालक अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं कर पाए। निर्वाचन विभाग की ओर से 82 बस और 262 छोटे वाहन अधिग्रहित किए गए हैं। वाहनों की कमी होने के कारण एक सौ से अधिक वाहनों का अधिग्रहण सात अप्रैल को किया गया। समय न मिलने के कारण कई वाहन चालक मतदान के लिए निर्वाचन विभाग की ओर से दिए गए फार्म को जमा नहीं कर पाए। सलूड़-डुंग्रा के मैक्स चालक महावीर ने बताया कि उनके वाहन को सात अप्रैल की शाम को अधिग्रहित किया गया, जिस कारण वे मतदान के फार्म को जमा नहीं कर पाए। टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष जगमोहन सिंह का कहना है, कि निर्वाचन विभाग की ओर से वाहन चालकों के मतदान को कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए जाते हैं, जिससे चालक अपने मताधिकार से वंचित रह जाते हैं।
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पर्ची पर गलत समय होने से भ्रमित हुए मतदाता
कीर्तिनगर। बूथ लेवल आफिसर की ओर से दी गई मतदाता पर्ची पर मतदान का समय सुबह 5 बजे से शाम 7 बजे तक लिखे जाने से मतदाता भ्रमित हो गए। कुछ मतदाता जब सुबह 5 बजे बाद मतदान केंद्र पर पहुंचे तो उन्हें अंदर आने से रोक दिया गया। जब मतदाताओं ने मतदान पर्ची दिखाई तो उन्हें गलत समय छापे जाने की बात कही गई। मतदाता राजपाल नेगी, रणजीत सिंह, सीमा देवी, जगत सिंह, विनोद, कुंवर सिंह ने कहा कि वह मतदान पर्ची पर छपे समय के अनुसार मतदान केंद्र पर पहुंचे, लेकिन यहां उन्हें रोक दिया गया। वहीं एसडीएम अनुराधा पाल ने कहा पर्ची में मिस प्रिंट होने से यह दिक्कत आई है। कहा कि मतदान का समय सुबह 7 बजे से 5 बजे नियत था।
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सी ब्लॉक निवासी संपत्ति देवी का नाम मतदाता सूची से गायब था, जबकि उनके पति अवतार सिंह कलूड़ा ने मतदान किया। अनिल भारती और उनकी पत्नी संगीता दोनों का नाम मतदाता सूची में नहीं होने के कारण उन्हें खाली लौटना पड़ा, जबकि उन्होंने विधानसभा और स्थानीय निकाय चुनाव में मतदान किया है। घनसाली वार्ड चार निवासी नरेंद्र डंगवाल और उनकी पत्नी रेखा डंगवाल का नाम भी सूची से गायब था। देहरादून से नई टिहरी मतदान करने पहुंचे शूरवीर सिंह नेगी ने वोट दिया, लेकिन उनकी पत्नी सुमन नेगी का नाम सूची में दर्ज नहीं था। दूसरी ओर कर्णप्रयाग/गौचर में मतदाता सूची से नाम गायब होने से नाराज अनिल कुमार, दरवान सिंह नेगी, संतोषी देवी आदि ने निर्वाचन आयोग से मामले का संज्ञान लेकर संबधित कर्मियों पर कार्रवाई की मांग की। पालिका गौचर के शैल वार्ड निवासी मुकेश शैली ने बताया कि मतदाता सूची में विभागीय कर्मियों की लापरवाही से उनके भाई सुभाष शैली मतदान से वंचित रह गए। दूसरी ओर रुद्रप्रयाग में भी निकाय चुनाव में मतदान करने वाले कई मतदाताओं का नाम लोकसभा निर्वाचन मतदाता सूची से गायब रहे। अधिवक्ता विनोद खंडूडी, मंजू खंडूडी, सुरेश चरण गैरोला आदि ने बताया कि उन्होंने बीते वर्ष नवंबर में निकाय चुनाव के तहत नगर पालिका रुद्रप्रयाग में मतदान किया था। लेकिन लोस चुनाव की मतदाता सूची में उनका नाम नहीं है। जनपद में अन्य कई पोलिंग बूथों पर भी मतदाताओं का नाम सूची में नहीं होने की बात समाने आई, जिस कारण कई मतदाता वोट नहीं दे पाए।
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मतदान करने से वंचित रहे वाहन चालक
गोपेश्वर। जिले में पोलिंग पार्टियों को ले जाने और लाने के लिए अधिग्रहित किए गए अधिकांश वाहनों के चालक अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं कर पाए। निर्वाचन विभाग की ओर से 82 बस और 262 छोटे वाहन अधिग्रहित किए गए हैं। वाहनों की कमी होने के कारण एक सौ से अधिक वाहनों का अधिग्रहण सात अप्रैल को किया गया। समय न मिलने के कारण कई वाहन चालक मतदान के लिए निर्वाचन विभाग की ओर से दिए गए फार्म को जमा नहीं कर पाए। सलूड़-डुंग्रा के मैक्स चालक महावीर ने बताया कि उनके वाहन को सात अप्रैल की शाम को अधिग्रहित किया गया, जिस कारण वे मतदान के फार्म को जमा नहीं कर पाए। टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष जगमोहन सिंह का कहना है, कि निर्वाचन विभाग की ओर से वाहन चालकों के मतदान को कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए जाते हैं, जिससे चालक अपने मताधिकार से वंचित रह जाते हैं।
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पर्ची पर गलत समय होने से भ्रमित हुए मतदाता
कीर्तिनगर। बूथ लेवल आफिसर की ओर से दी गई मतदाता पर्ची पर मतदान का समय सुबह 5 बजे से शाम 7 बजे तक लिखे जाने से मतदाता भ्रमित हो गए। कुछ मतदाता जब सुबह 5 बजे बाद मतदान केंद्र पर पहुंचे तो उन्हें अंदर आने से रोक दिया गया। जब मतदाताओं ने मतदान पर्ची दिखाई तो उन्हें गलत समय छापे जाने की बात कही गई। मतदाता राजपाल नेगी, रणजीत सिंह, सीमा देवी, जगत सिंह, विनोद, कुंवर सिंह ने कहा कि वह मतदान पर्ची पर छपे समय के अनुसार मतदान केंद्र पर पहुंचे, लेकिन यहां उन्हें रोक दिया गया। वहीं एसडीएम अनुराधा पाल ने कहा पर्ची में मिस प्रिंट होने से यह दिक्कत आई है। कहा कि मतदान का समय सुबह 7 बजे से 5 बजे नियत था।