{"_id":"598dd9a14f1c1b5b4a8b473d","slug":"11502468513-pauri-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीएमओ आफिस ने फंसाया एएनएम की तनख्वाह में पेंच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीएमओ आफिस ने फंसाया एएनएम की तनख्वाह में पेंच
Updated Fri, 11 Aug 2017 09:51 PM IST
विज्ञापन
पौड़ी। सीएमओ आफिस की गलती से दूरदराज की ग्राम पंचायतों में कार्यरत एएनएम को चार माह से वेतन नहीं मिल पाया है। दरअसल, जिले के सीएमओ आफिस द्वारा राज्य सरकार के अप्रैल 2013 में जारी शासनादेश की अनदेखी की गई है। शासनादेश के मुताबिक, एएनएम को पंचायतों से हटा दिया था, लेकिन सीएमओ आफिस ने इसे लागू नहीं किया। अब पंचायत मद बंद होने की वजह से उनका वेतन शासन स्तर पर ही रुका हुआ है। प्रकरण संज्ञान में आने पर सीएमओ ने स्वास्थ्य निदेशालय को पत्र भेजकर अवगत कराया है।
एएनएम को चार माह से वेतन न मिलने पर मातृ शिशु एवं परिवार कल्याण महिला कर्मचारी संघ जिला इकाई आंदोलन की राह पर है। दरअसल, 12 अप्रैल 2016 तक एएनएम पंचायतों के अधीन कार्य करती थीं। उनका वेतन भी पंचायत मद के खातों में आता आता था। 13 अप्रैल 2016 को तत्कालीन प्रमुख सचिव उत्तराखंड मनीषा पंवार ने शासनादेश जारी किया। शासनादेश के मुताबिक पूरे राज्य में 97 हजार स्वास्थ्य व सिंचाई विभाग के कर्मचारियों को पंचायतों से हटाकर संबंधित विभागों के अधीन कर दिया गया।
राज्य के अन्य जिलों ने तो एएनएम को मूल विभाग में वापस ले लिया, लेकिन पौड़ी सीएमओ आफिस ने शासनादेश पर अमल नहीं किया।
कोट
पंचायत मद समाप्त किए जाने से एएनएम को वेतन नहीं मिल पा रहा है। इस संबंध में स्वास्थ्य महानिदेशक को पत्र भेजा गया है। जल्द ही एएनएम को पंचायत हेड से मूल विभाग में जोड़ा जाएगा। इस माह तक समस्या का समाधान हो जाएगा।
विज्ञापन
-डा. एमएस राणा, सीएमओ पौड़ी
इनसेट
एएनएम ने दी कार्य बहिष्कार की चेतावनी
मातृ शिशु एवं परिवार कल्याण महिला कर्मचारी संघ जिला इकाई ने चार माह से वेतन मिलने पर सीएमओ को ज्ञापन सौंपा। चेतावनी दी कि अगर उन्हें जल्द वेतन नहीं मिला तो वे कार्य बहिष्कार शुरू कर देंगी। संघ की जिलाध्यक्ष सुषमा थपलियाल व जिला सचिव रानिता प्रसाद विश्वकर्मा की अगुवाई में ज्ञापन सौंपा गया। उन्होंने कहा कि यदि जल्द वेतन नहीं मिला तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल व कार्य बहिष्कार करेंगी।
विज्ञापन
एएनएम को चार माह से वेतन न मिलने पर मातृ शिशु एवं परिवार कल्याण महिला कर्मचारी संघ जिला इकाई आंदोलन की राह पर है। दरअसल, 12 अप्रैल 2016 तक एएनएम पंचायतों के अधीन कार्य करती थीं। उनका वेतन भी पंचायत मद के खातों में आता आता था। 13 अप्रैल 2016 को तत्कालीन प्रमुख सचिव उत्तराखंड मनीषा पंवार ने शासनादेश जारी किया। शासनादेश के मुताबिक पूरे राज्य में 97 हजार स्वास्थ्य व सिंचाई विभाग के कर्मचारियों को पंचायतों से हटाकर संबंधित विभागों के अधीन कर दिया गया।
विज्ञापन
राज्य के अन्य जिलों ने तो एएनएम को मूल विभाग में वापस ले लिया, लेकिन पौड़ी सीएमओ आफिस ने शासनादेश पर अमल नहीं किया।
कोट
पंचायत मद समाप्त किए जाने से एएनएम को वेतन नहीं मिल पा रहा है। इस संबंध में स्वास्थ्य महानिदेशक को पत्र भेजा गया है। जल्द ही एएनएम को पंचायत हेड से मूल विभाग में जोड़ा जाएगा। इस माह तक समस्या का समाधान हो जाएगा।
विज्ञापन
-डा. एमएस राणा, सीएमओ पौड़ी
इनसेट
एएनएम ने दी कार्य बहिष्कार की चेतावनी
मातृ शिशु एवं परिवार कल्याण महिला कर्मचारी संघ जिला इकाई ने चार माह से वेतन मिलने पर सीएमओ को ज्ञापन सौंपा। चेतावनी दी कि अगर उन्हें जल्द वेतन नहीं मिला तो वे कार्य बहिष्कार शुरू कर देंगी। संघ की जिलाध्यक्ष सुषमा थपलियाल व जिला सचिव रानिता प्रसाद विश्वकर्मा की अगुवाई में ज्ञापन सौंपा गया। उन्होंने कहा कि यदि जल्द वेतन नहीं मिला तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल व कार्य बहिष्कार करेंगी।