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आपदा पीड़ितों को 12 और 73 रुपए
Updated Thu, 01 Feb 2018 10:12 PM IST
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पाबौ (पौड़ी)।
वर्ष 2015 की आपदा में ब्लाक पाबौ के छानी व चोपड्यूं गांवों में लोगों के खेत बह गए थे। तब किसानों को विश्वास दिया गया था कि सरकार उनकी पूरी मदद करेगी। अब सरकारी मदद के रूप उन्हें 12 से 73 रुपये तक के चेक थमाए गए हैं। इससे ग्रामीणों में रोष है। उन्होंने चेक वापस लौटा दिए हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि सरकार दोबारा मूल्यांकन कर मुआवजा दे, अन्यथा वे आंदोलन करेंगे।
पौड़ी जिला मुख्यालय से महज 25 किलोमीटर दूर पाबौ ब्लॉक के छानी और चोपड्यूं गांव में नौ जुलाई 2015 में आई आपदा में रास्ते, पुलिया, सड़क व गाड़ियों के साथ लोगों के खेत भी बह गए। आपदा के शिकार हुए क्षेत्र के 65 परिवार वाले छानी गांव और करीब 150 परिवार के चोपड्यूं गांव जाने वाले रास्ते, सड़क, पुलिया अभी नहीं बने हैं। इसके अलावा आपदा राहत के नाम पर सरकार ने पीड़ितों को 12 रुपये से लेकर 73 रुपये तक के चेक बांटे हैं। आपदा पीड़ित चोपड्यूं गांव के विनोद कैंथोला का कहना है एक नाली खेत के नुकसान पर प्रशासन ने उन्हें 12 रुपये का चेक थमाया है, जबकि डेढ़ नाली जमीन गंवाने वाले राजपाल कठैत को 73 रुपये का चेक दिया गया है। यह कहानी अकेले विनोद और राजपाल की नहीं है, बल्कि गांव के अन्य लोगों को भी इसी तरह के चेक बांटे गए हैं। यह आपदा पीड़ितों के साथ मजाक है। छानी गांव के विनोद नेगी की बाइक बह गई थी, जिसका उसे कोई मुआवजा नहीं मिला है। ग्रामीण हर्ष सिंह नेगी, बीर सिंह रावत, चंद्र सिंह रावत, मेहरवान सिंह व यशपाल लाल आदि ने प्रधान के जरिए लोक निर्माण विभाग से कई बार मार्ग को दुरुस्त करने की मांग की, लेकिन हर बार अधिकारियों ने बजट न होने का हवाला देकर वापस लौटा दिया।
वहीं तहसीलदार हरिमोहन का कहना है कि जिन लोगों को आपदा राशि के चेक में आपत्ति है, वे अपना प्रार्थना पत्र पाबौ राजस्व निरीक्षक रामपाल सिंह रावत को दे सकते हैं। रास्ते के निर्माण के लिए प्रधान प्रस्ताव पास कर ब्लॉक में दे सकते हैं।
वर्ष 2015 की आपदा में ब्लाक पाबौ के छानी व चोपड्यूं गांवों में लोगों के खेत बह गए थे। तब किसानों को विश्वास दिया गया था कि सरकार उनकी पूरी मदद करेगी। अब सरकारी मदद के रूप उन्हें 12 से 73 रुपये तक के चेक थमाए गए हैं। इससे ग्रामीणों में रोष है। उन्होंने चेक वापस लौटा दिए हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि सरकार दोबारा मूल्यांकन कर मुआवजा दे, अन्यथा वे आंदोलन करेंगे।
पौड़ी जिला मुख्यालय से महज 25 किलोमीटर दूर पाबौ ब्लॉक के छानी और चोपड्यूं गांव में नौ जुलाई 2015 में आई आपदा में रास्ते, पुलिया, सड़क व गाड़ियों के साथ लोगों के खेत भी बह गए। आपदा के शिकार हुए क्षेत्र के 65 परिवार वाले छानी गांव और करीब 150 परिवार के चोपड्यूं गांव जाने वाले रास्ते, सड़क, पुलिया अभी नहीं बने हैं। इसके अलावा आपदा राहत के नाम पर सरकार ने पीड़ितों को 12 रुपये से लेकर 73 रुपये तक के चेक बांटे हैं। आपदा पीड़ित चोपड्यूं गांव के विनोद कैंथोला का कहना है एक नाली खेत के नुकसान पर प्रशासन ने उन्हें 12 रुपये का चेक थमाया है, जबकि डेढ़ नाली जमीन गंवाने वाले राजपाल कठैत को 73 रुपये का चेक दिया गया है। यह कहानी अकेले विनोद और राजपाल की नहीं है, बल्कि गांव के अन्य लोगों को भी इसी तरह के चेक बांटे गए हैं। यह आपदा पीड़ितों के साथ मजाक है। छानी गांव के विनोद नेगी की बाइक बह गई थी, जिसका उसे कोई मुआवजा नहीं मिला है। ग्रामीण हर्ष सिंह नेगी, बीर सिंह रावत, चंद्र सिंह रावत, मेहरवान सिंह व यशपाल लाल आदि ने प्रधान के जरिए लोक निर्माण विभाग से कई बार मार्ग को दुरुस्त करने की मांग की, लेकिन हर बार अधिकारियों ने बजट न होने का हवाला देकर वापस लौटा दिया।
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वहीं तहसीलदार हरिमोहन का कहना है कि जिन लोगों को आपदा राशि के चेक में आपत्ति है, वे अपना प्रार्थना पत्र पाबौ राजस्व निरीक्षक रामपाल सिंह रावत को दे सकते हैं। रास्ते के निर्माण के लिए प्रधान प्रस्ताव पास कर ब्लॉक में दे सकते हैं।
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