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प्रजामंडल पार्टी ने हाईकोर्ट और एमएचआरडी को भेजे सुझाव
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श्रीनगर। प्रजामंडल पार्टी ने एनआईटी (राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान) उत्तराखंड को पहाड़ में यथावत रखने के संबंध में नैनीताल हाईकोर्ट और मानव संसाधन विकास मंत्रालय को सुझाव भेजे हैं। पार्टी ने श्रीनगर के आसपास पांच स्थानों के नाम सुझाते हुए स्थायी कैंपस के निर्माण की मांग की है।
रविवार को प्रजामंडल पार्टी के पदाधिकारियों ने पत्रकार वार्ता करते हुए यह जानकारी दी। पार्टी के संयोजक समीर रतूड़ी ने कहा कि पहाड़ के अस्तित्व की लड़ाई के लिए एनआईटी एक अहम मुद्दा है। यदि सुमाड़ी की जमीन उपयुक्त नहीं है, तो पहाड़ के अन्य स्थानों में भी संस्थान का निर्माण किया जा सकता है। सरकार को सीताकोटी, बडियारगढ़, खंडाह श्रीकोट, मलेथा-बडोन और हिंडोलाखाल क्षेत्र में भी विकल्प तलाशने चाहिए। उन्होंने प्रदेश सरकार पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया। कहा कि यदि सरकार की भूमिका साफ होती, तो विवाद की नौबत नहीं आती। यही कारण है कि कोर्ट की कई बार की टिप्पणी के बावजूद सरकार ने कोई जवाब दाखिल नहीं किया। पार्टी के सचिव देव सिंह नेगी ने कहा कि राज्य सरकार और एनआईटी के अधिकारियों की मिलीभगत से संस्थान शिफ्ट होने की कगार पर है। एनआईटी के अधिकारियों ने छात्रों को आंदोलन के लिए उकसाया। एनआईटी को स्थायी रुप से आईडीपीएल ऋषिकेश शिफ्ट करने के प्रयास किए जा रहे हैं। ताकि अधिकारी पहाड़ आने से बचे। जिला पंचायत सदस्य राजेश्वरी जोशी ने कहा कि याचिकाकर्ता ने कोर्ट में गलत जानकारी दी है। इस अवसर पर विनोद चमोली, प्रवीण चंद्र, सुमित खत्री व खेम सिंह चौहान भी उपस्थित थे।
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रविवार को प्रजामंडल पार्टी के पदाधिकारियों ने पत्रकार वार्ता करते हुए यह जानकारी दी। पार्टी के संयोजक समीर रतूड़ी ने कहा कि पहाड़ के अस्तित्व की लड़ाई के लिए एनआईटी एक अहम मुद्दा है। यदि सुमाड़ी की जमीन उपयुक्त नहीं है, तो पहाड़ के अन्य स्थानों में भी संस्थान का निर्माण किया जा सकता है। सरकार को सीताकोटी, बडियारगढ़, खंडाह श्रीकोट, मलेथा-बडोन और हिंडोलाखाल क्षेत्र में भी विकल्प तलाशने चाहिए। उन्होंने प्रदेश सरकार पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया। कहा कि यदि सरकार की भूमिका साफ होती, तो विवाद की नौबत नहीं आती। यही कारण है कि कोर्ट की कई बार की टिप्पणी के बावजूद सरकार ने कोई जवाब दाखिल नहीं किया। पार्टी के सचिव देव सिंह नेगी ने कहा कि राज्य सरकार और एनआईटी के अधिकारियों की मिलीभगत से संस्थान शिफ्ट होने की कगार पर है। एनआईटी के अधिकारियों ने छात्रों को आंदोलन के लिए उकसाया। एनआईटी को स्थायी रुप से आईडीपीएल ऋषिकेश शिफ्ट करने के प्रयास किए जा रहे हैं। ताकि अधिकारी पहाड़ आने से बचे। जिला पंचायत सदस्य राजेश्वरी जोशी ने कहा कि याचिकाकर्ता ने कोर्ट में गलत जानकारी दी है। इस अवसर पर विनोद चमोली, प्रवीण चंद्र, सुमित खत्री व खेम सिंह चौहान भी उपस्थित थे।
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