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कुदरत की 'खता' के लिए मां-बाप ने दी ऐसी सजा

Tue, 26 Feb 2013 12:17 PM IST
देहरादून/ब्यूरो
देहरादून/ब्यूरो Updated Tue, 26 Feb 2013 12:17 PM IST
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parents tortured her mentally ill daughter

पल्लवी का कसूर सिर्फ इतना है कि कुदरत ने उसका दिमाग सामान्य नहीं बनाया। सिर्फ इसी 'खता' की वजह से जन्मदाता ही उसके लिए मृत्युदाता की भूमिका निभाने लगे। 24 साल की इस युवती को आठ महीनों से बोरी में बांधकर अंधेरे कमरे में रखा गया था।

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गैरसरकारी सामाजिक संस्था समाधान की मदद से मुक्त कराई गई पल्लवी को इंद्रेश अस्पताल में दाखिल कराया गया है। वह मरने की कगार पर पहुंच चुकी है। समाधान ने पुलिस में मामला भी दर्ज कराया है। इतनी हैवानियत दिखाने वाले मां-बाप घर से फरार हैं।
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समाधान से जुड़े सूत्रों ने बताया कि इंदिरा नगर की वाल्मीकि बस्ती में एक शख्स एमडीडीए में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है। उसकी तीन बेटियां हैं। इनमें पल्लवी सबसे बड़ी है। बताया जाता है कि वह बचपन से मानसिक बीमारी से ग्रस्त थी। उसकी देखरेख ढंग से नहीं की जाती थी। जैसे-जैसे वह बड़ी हुई उस पर परिजनों का उत्पीड़न बढ़ता गया।
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समाधान की संचालिका रेनू डी सिंह के मुताबिक, संस्था पदाधिकारियों को रविवार शाम को ही पल्लवी को बोरी में बंद होने की जानकारी मिली। लड़की को कब्जे से छुड़ाकर अस्पताल पहुंचाया गया। इंद्रेश अस्पताल प्रबंधन पल्लवी के इलाज की व्यवस्था कर रहा है।


पल्लवी का इलाज कर रहे डॉक्टरों के अनुसार लड़की को लंबे समय से भोजन नहीं दिया जा रहा था, जिससे उसकी आतें सूख गई हैं। साथ ही रस्सी से बंधे होने के कारण हाथ पैर की हड्डियां भी अकड़ गई हैं। उसे बचाने की पूरी कोशिश की जा रही है।

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