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भराभराकर गिरा पुराना मकान, हादसा टला
रुड़की/ब्यूरो
Updated Thu, 08 Aug 2013 09:23 PM IST
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तीन परिवारों की जान उस वक्त अटक गई जब उनके सिर पर अचानक मलबा गिरने लगा। पुराने भवन में रह रहे इन परिवारों को जब तक समझ आता तब तक मकान का एक हिस्सा पूरा भरभराकर नीचे आ गिया।
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एक हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त
रुड़की के गंगनहर कोतवाली क्षेत्र स्थित पुरानी रेलवे रोड पर एक पुरानी बिल्डिंग एक हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। जर्जर भवन के गिरने से कोई हताहत नहीं हुआ। इस भवन के कुछ कमरों में तीन परिवारों के दस से अधिक लोग रह रहे थे।
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केवल आगे का हिस्सा टूटने से किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ। अंदर फंसे लोगों को पुलिस और फायर कर्मियों ने किसी तरह से बाहर निकाला। यदि पूरा भवन क्षतिग्रस्त हुआ होता तो एक बड़ा हादसा हो सकता था।
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पुरानी रेलवे रोड पर सतीश अग्रवाली का पुराना मकान है। इस मकान में उनका परिवार और दो किरायेदार भी रह रहे थे। बृहस्पतिवार की सुबह करीब आठ बजे मकान का एक हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया।
मकान के अंदर तीन परिवारों के दस लोग
उस समय मकान के अंदर तीन परिवारों के दस लोग थे। लेकिन यह सभी लोग पिछले हिस्से में बने कमरों में रह रहे थे। जबकि मकान का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। मकान के गिरने की आवाज आते ही आसपास के लोगों हडकंप मच गया।
मौके पर आसपास के लोगों की भारी भीड़ जुट गई। घर के अंदर जाने वाले रास्ते पर भारी मलबा जमा होने से अंदर रह रहे सभी लोग फंस गए। इसी बीच किसी ने पुलिस और फायर सेंटर को सूचना दे दी।
पुलिस और फायर के जवानों ने बचाया
मौके पर पहुंची गंगनहर पुलिस और फायर के जवानों ने अंदर फंसे लोगों को सीढ़ियां लगाकर बाहर निकला। अग्निशमन अधिकारी बृजलाल डबराल ने बताया कि हादसे के दौरान वहां चंद्रशेखर, मधु, सुरभी, क्रांति, सुशीला देवी, शैलेंद्र, ज्योति, आदित्य, प्रमोद देवी, निशांत फंसे थे।
इन लोगों के सीढ़ियां लगाकर बाहर निकाला गया। किसी की कोई चोट भी नहीं लगी। बाद में तहसीदार ऋषिपाल सिंह, नायब तहसीलदार चित्र कुमार त्यागी ने भी मौका मुआयना किया। अब इस पूरे भवन को तोड़ने का काम किया जा रहा है।