फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   no doctor no teacher

न पढ़ाने को मास्टर है न इलाज को डॉक्टर

Sat, 09 Nov 2013 11:25 AM IST
अरुणेश पठानिया/ अमर उजाला, देहरादून
अरुणेश पठानिया/ अमर उजाला, देहरादून Updated Sat, 09 Nov 2013 11:25 AM IST
विज्ञापन
no doctor no teacher

उत्तराखंड में मूलभूत सुविधाओं की बात करें तो विकास सिर्फ मैदानी जनपदों तक ही सीमित है।

विज्ञापन


एक तो कमजोर सियासी इच्छाशक्ति, ऊपर से साल दर साल आपदा के कहर से पर्वतीय जनपदों में लोगों को उन्हीं मुश्किल हालात से गुजरना पड़ रहा है जैसे 13 बरस पहले थे।

पहाडों पर हालात जस के तस
राज्य में सड़कों का जाल फैलकर 28 हजार किलोमीटर तो जरूर हुआ लेकिन पहाड़ों में पहले की तरह आज भी लोगों को कई कोस पैदल चल अपनी मंजिल तक पहुंचना पड़ रहा है।
विज्ञापन


पढ़ें, सीएम की चाची ने दी आत्मदाह की 'धमकी'
विज्ञापन
विज्ञापन


स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर 17 सौ हेल्थ सेंटर, तीन सौ से अधिक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, लगभग 60 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खुले, लेकिन मरीजों के इलाज के लिए डॉक्टर की तलाश मैदानी जनपदों में आकर ही खत्म होती है।

प्राथमिक शिक्षा मुहैया करवाने के लिए के लिए गांव-गांव में स्कूल की बात भी तब बेमानी हो जाती है जब स्कूलों में मास्टर ही नहीं तैनात किए जाते। पेयजल और बिजली की लाइन तो लगभग हर गांव तक पहुंचाई गई।


पर्वतीय जनपदों में तैनात ही नहीं होना चाहते कर्मचारी
99 फीसदी पेयजल सप्लाई और 98 फीसदी बिजली सप्लाई का दावा तब कागजी लगता है जब नलों में पानी नहीं आता और बल्ब सिर्फ दिन के कुछ घंटे टिमटिमाता है। हालात यह है कि मूलभूत सुविधाओं के नाम पर ढांचा तो सरकार बनाने का प्रयास कर रही है लेकिन पहाड़ के नाम पर बने उत्तराखंड में अब कर्मचारी पर्वतीय जनपदों में तैनात ही नहीं होना चाहते।

पढ़ें, केदारनाथ-बदरीनाथ में बर्फबारी, दून वासियों पर भारी

राजनेता भी ऐसे हैं कि कर्मचारियों के स्थानांतरण को लेकर आज तक कोई ठोस नीति नहीं बना पाए। स्कूल और अस्पताल जैसी मौलिक जरूरत को पूरा करने के लिए न तो सरकारें पहाड़ों पर डाक्टर भेज पाने में सरकार कामयाब हो पाई है न ही मास्टरों को।

फेसबुक पर अपनी राय देने के लिए क्लिक करें...

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed