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खनन माफिया को नहीं भाते सख्त अधिकारी
देहरादून/ब्यूरो
Updated Tue, 30 Jul 2013 09:38 PM IST
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गौतमबुद्धनगर की एसडीएम दुर्गा शक्ति नागपाल बालू खनन माफिया की साजिश की पहली शिकार नहीं हैं। उत्तराखंड में भी सख्त अफसर बालू माफिया के निशाने पर रहे हैं।
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तहसीलदार ऋचा सिंह को बालू माफिया ने फिल्मी स्टाइल में चारों तरफ से ट्रकों से घेर कुचलने की साजिश की थी। मामले में एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी।
घटना अगस्त 2010 की है। विकासनगर के डाक पत्थर इलाके में यमुना नदी के तट पर अवैध बालू खनन की सूचना पर तत्कालीन तहसीलदार ऋचा सिंह मौके पर पहुंचीं। उन्होंने बताया कि बालू से लदे ट्रकों ने उनकी जीप को गोलाई में घेर लिया और टक्कर मारने की कोशिश करते रहे।
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कई बार साइड से टक्कर मारी। लेकिन ड्राइवर ने सूझबूझ से बचा लिया। ट्रक राउंड-राउंड घूमते रहे। बाद में ट्रक ड्राइवर वाहन छोड़कर भाग गए। ऋचा सिंह ने बताया कि मामले की डाकपत्थर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
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ट्रक का नंबर नोट किया था। उसी आधार पर तहरीर लिखी थी। इसी तरह का मामला एक और मामला तहसीलदार ऋचा सिंह के साथ दिसंबर 2012 में सितारगंज में भी पेश आया। संत फार्म घाट पर बालू खनन माफिया ने उनकी जीप के आगे वाहन लगवा दिए।
लेकिन घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। पुलिस कर्मियों ने ड्राइवरों को पकड़ लिया था। विकासनगर की तत्कालीन तहसीलदार शालिनी नेगी की जीप में भी ट्रैक्टर ट्राली की टक्कर लगी थी। उन्होंने बताया कि वह पकड़ने के लिए जा रही थीं कि ट्राली की टक्कर लग गई।